नई दिल्ली: Zee समूह में हालिया संगठनात्मक बदलाव को लेकर अंदरखाने चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों और कर्मचारियों के बीच चल रही चर्चाओं के मुताबिक, DNA और India.com की जिम्मेदारी संभाल रहे Group Editor अनुज खरे और DNA India.com के Deputy Editor योगेंद्र कुमार को अब Zee की नई जिम्मेदारियों में शिफ्ट किया गया है। इसके साथ ही DNA और India.com से जुड़ी उनकी पूर्व जिम्मेदारियां भी बदल गई हैं।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब पिछले कुछ महीनों से DNA और India.com के प्रदर्शन और कामकाज को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा रही है कि प्लेटफॉर्म के नंबरों में गिरावट आई और इसके साथ workplace environment तथा management style को लेकर भी असंतोष देखने को मिला।
‘वर्कप्लेस एनवायरमेंट’ को लेकर उठते रहे सवाल
मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, खास तौर पर योगेंद्र कुमार के DNA से जुड़ने के बाद कुछ कर्मचारियों ने उनके काम करने के तरीके और communication को लेकर नाराजगी जताई थी। कर्मचारियों के एक वर्ग का आरोप रहा कि काम का दबाव बढ़ा और management style को लेकर असहजता की स्थिति बनी।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इन दावों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कर्मचारियों के बीच यह भी चर्चा रही कि लगातार दबाव और कामकाज के माहौल से परेशान होकर कुछ लोगों ने संस्थान छोड़ा। हालांकि, कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के वास्तविक कारणों और इसका सीधे तौर पर management style से संबंध होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
‘मो की तिकड़ी’ की चर्चा
DNA और India.com के कर्मचारियों के बीच एक और चर्चा लंबे समय से रही है। बताया जाता है कि अनुज खरे, योगेंद्र कुमार और DNA के CEO प्रयदर्शन गर्ग मध्य प्रदेश से हैं और उनके बीच मजबूत प्रोफेशनल समीकरण होने की बात कही जाती थी।
इसी वजह से कुछ कर्मचारियों के बीच अनौपचारिक तौर पर इन्हें ‘मो की तिकड़ी’ कहे जाने की चर्चा भी रही। हालांकि, यह कर्मचारियों के बीच चलने वाली अनौपचारिक टिप्पणी थी और इसके आधार पर किसी तरह के आधिकारिक निष्कर्ष का दावा नहीं किया जा सकता।
अब Zee में बदलाव से कर्मचारियों में चिंता
अब अनुज खरे और योगेंद्र कुमार को Zee में नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद कुछ कर्मचारियों के बीच चिंता की स्थिति बताई जा रही है। कर्मचारियों का एक वर्ग आशंकित है कि DNA और India.com में जिस तरह के management और workplace environment को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, वैसी स्थिति कहीं Zee में भी न बने।
मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी बड़े संगठन में केवल बिजनेस नंबर ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि कर्मचारियों का morale, retention, communication और workplace culture भी प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।
निष्पक्ष समीक्षा की मांग
इस पूरे मामले को लेकर कुछ कर्मचारियों की मांग है कि DNA और India.com के पिछले कुछ महीनों के performance, employee attrition और workplace environment की स्वतंत्र समीक्षा की जाए। साथ ही वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों से confidential feedback लेकर यह समझने की कोशिश की जाए कि आखिर प्रदर्शन में गिरावट और कर्मचारियों की नाराजगी के पीछे वास्तविक वजहें क्या थीं।
फिलहाल Zee की ओर से इन आरोपों या कर्मचारियों की आशंकाओं पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में असली तस्वीर प्रबंधन की प्रतिक्रिया और वर्तमान व पूर्व कर्मचारियों से स्वतंत्र रूप से मिले फीडबैक के बाद ही साफ हो सकेगी।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए इनपुट पर आधारित


