संजय शर्मा-
गज़ब के पहिए लगे हैं मेरी ज़िंदगी में!
सुबह का नाश्ता मुंबई में, दोपहर का लंच दिल्ली में, शाम की चाय बनारस में और रात का खाना घोसी में! अब रात तीन बजे घोसी से बनारस वापसी और कल सुबह फिर फ्लाइट पकड़कर मुंबई जाना है.
आज दिन में दिल्ली में सेंसर बोर्ड को अपनी फिल्म सहिया दिखानी थी. दोपहर तक फिल्म दिखाई और उसके तुरंत बाद फ्लाइट पकड़कर बनारस आ गया.
फ्लाइट में हेमंत शर्मा जी और आदरणीय रामबहादुर राय जी से मुलाकात हुई. हेमंत जी ने मेरा परिचय कराया तो रामबहादुर राय जी कुछ देर मुझे देखते रहे और फिर बोले कि 2008 में मेरी और आपकी बात हुई थी.
मैं हैरान रह गया. इतने वर्षों बाद भी उन्हें वह बातचीत याद थी! मैंने कहा, भाई साहब, आपकी याददाश्त का तो जवाब नहीं है! उन्होंने मुस्कराते हुए अपनी नोटबुक निकाली और बोले अपना फोन नंबर लिख दो !
फिर मैंने उन्हें याद दिलाया कि जब वह जनसत्ता में थे, तब मैं उनसे एक-दो बार मिलने भी गया था. बाद में 2008 में मेरा साप्ताहिक अखबार निकलता था. उसमें छपी मेरी एक स्टोरी पढ़कर उन्होंने मुझे फोन किया था और बधाई दी थी. इतने बड़े पत्रकार का वह फोन मेरे लिए बहुत मायने रखता था. आज उनसे फिर मिलकर वह पुरानी याद ताजा हो गई.
हेमंत शर्मा जी तो हमेशा की तरह अपनेपन से मिले. तुरंत बोले कि गाड़ी, होटल या किसी और चीज की जरूरत हो तो बताइए. मैंने कहा, भइया मुझे तो तुरंत शो करके घोसी निकलना है.
बनारस में होटल पहुंचकर शो किया और फिर घोसी चला गया. मेरी बहादुर रिपोर्टर फ़िज़ा के पिता जी का निधन हुआ था, लेकिन मैं उस समय पहुंच नहीं पाया था. आज रात घोसी जाकर फ़िज़ा और उनके परिवार से मिला. वहीं रात का खाना खाया और अब लगभग तीन बजे घोसी से बनारस लौट रहा हूं.


इस पूरी भागदौड़ के बीच एक नवंबर को मुंबई में होने वाले मनोज बाजपेयी जी के कार्यक्रम की तैयारियां भी फोन पर ही चलती रहीं. दिल्ली में, फ्लाइट में, बनारस में और घोसी में भी लगातार टीम से बात करता रहा.
सच कहूं तो इन दिनों सांस लेने की भी फुर्सत नहीं है. एक घंटा भी अपने लिए निकाल पाना मुश्किल हो रहा है. अब अगले रविवार तक मनोज जी के कार्यक्रम की तैयारियों में ही व्यस्त रहूंगा.
आप सब दुआ कीजिएगा कि मनोज जी के साथ यह कार्यक्रम बहुत बढ़िया हो.
और हां, इस कार्यक्रम में आप भी मनोज बाजपेयी जी से सवाल पूछ सकेंगे, उनसे बातचीत कर सकेंगे. मुझे भरोसा है कि उन्हें सुनने के लिए मुंबई के दूर-दूर इलाकों से लोग आएंगे.
सीटें सीमित हैं, इसलिए आज ही BookMyShow पर अपना टिकट बुक करा लीजिए. आपसे मुलाकात का इंतजार रहेगा.

