Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

नेताओं के फोटो वाले विज्ञापनों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सरकारी विज्ञापनों के नियमन से जुड़े दिशानिर्देश जारी करते हुए आज उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इन विज्ञापनों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रमुख न्यायाधीश जैसे कुछ ही पदाधिकारियों की तस्वीरें हो सकती हैं। 

सरकारी विज्ञापनों के नियमन से जुड़े दिशानिर्देश जारी करते हुए आज उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इन विज्ञापनों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रमुख न्यायाधीश जैसे कुछ ही पदाधिकारियों की तस्वीरें हो सकती हैं। 

न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार की इस याचिका को खारिज कर दिया कि न्यायपालिका को नीतिगत फैसलों के क्षेत्र में दखल नहीं देना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि कोई नीति या कानून मौजूद न होने की स्थिति में अदालतें हस्तक्षेप कर सकती हैं। 

अदालत ने ये भी कहा है कि केन्द्र और राज्य सरकार तीन सदस्य कमेटी बनाएगी जो ये तय करेगी कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन हो रहा है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बड़ी आबादी गरीबी रेखा से नीचे रह रही है इसलिए जनता का पैसा सरकारी विज्ञापनों पर खर्च नहीं होना चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर वकील प्रशांत भूषण का कहना है कि अदालत का फैसला सही है। वहीं इस फैसले से बीएसपी अध्यक्ष मायावती खुश नहीं नजर आईं और कहा कि ये फैसला लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. vedprakash mandle

    May 14, 2015 at 7:23 am

    Landmark judgement by honourable supreme court. Politicians are using public money for their own benefit. We see pictures of pm, cm, party president, ministers, mla’s even block level workers. In the name of government advertising politicians are misusing public money. Whichever party is in majority misuses the public fund. So now we have a hope that all these stop.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन