Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

जिस आदमी ने यस बैंक का बेड़ा गर्क किया, वह भयंकर वाला मोदी भक्त था : रवीश कुमार

Ravish Kumar : जिस आदमी ने यस बैंक का बेड़ा गर्क किया है वो एक समय में अर्थव्यवस्था का बड़ा जानकार था। मोदीनोमिक्स को सर्टिफिकेट दे रहा था। राणा ने नोटबंदी जैसे आर्थिक घपले को तीसरे दिन ही मास्टर स्ट्रोक बता रहा था। आईटी सेल वाले राणा कपूर को भारत रत्न दिलाने के लिए हैशटैग चला सकते हैं।

2015 से पता था येस बैंक फ़ेल हो रहा है। फिर भी मोदी सरकार और RBI न केवल उसको बचाए रक्खा बल्कि और भी कारोबार करने दिया। अब पब्लिक के पैसे से इस कॉर्पोरेट के बैंक को बचाया जा रहा है। देखिये aunindyo का नया विडियो।

यस बैंक के प्रायोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे मोदी.. इकोनोमिक टाइम्स ग्लोबल समिट कर रहा है। प्रायोजक यस बैंक है। इसमें शामिल होने की सूचना किसकी है आप खुद देखें। सोचिए प्रधानमंत्री आज उद्घाटन करेंगे और एक दिन पहले इस बैंक के ग्राहकों को अपना ही पैसा निकालने से रोकने का आदेश जारी हुआ है। एक महीने तक ग्राहक पचास हज़ार ही निकाल सकेंगे। विज्ञापन और ख़बर दोनों इसी अख़बार में छपा है।

सोचिए यस बैंक के खाताधारकों के होश उड़ें होंगे और उधर प्रधानमंत्री यस बैंक के प्रायोजित कार्यक्रम में सपने बुन रहे होंगे। यस बैंक सवा दो लाख करोड़ की पूँजी वाला बैंक है। पी एम सी बैंक से बीस गुना बड़ा। इसके म्यूचुअल फंड में कई बैंकों के पैसे लगे हैं। अगर बैंक डूबा तो क्या उन बैंकों पर भी असर होगा? और म्यूचुअल फंड डूबा तो आम निवेशकों का क्या होगा?

यस बैंक कैसे यहाँ पहुँचा और उस पैसे का हिस्सा कहाँ कहाँ पहुँचा कोई जान नहीं पाएगा। एक विलेन होगा बस उसी के यहाँ छापे पड़ेंगे और खबरें छपेंगी। गुरुवार को दिन भर खबर उड़ाई गई कि स्टेट बैंक यस बैंक का अधिग्रहण कर लेगा। इससे शेयर के दाम भागने लगे। फिर खबर आई कि रिज़र्व बैंक ने पैसा निकालने पर रोक लगा दी है।

कसीनो के इस खेल में डूबते बैंक से पैसा निकलना मुर्दे की उँगली से अंगूठी निकालने जैसा है। पैसा किन लोगों ने बनाया इसकी जानकारी तो बाज़ार की गहन समझ रखने वाला ही दे सकेगा। जो सामान्य निवेशक हैं उनका पैसा डूब गया। एक ने बताया कि उनके रिश्तेदार ने पाँच लाख के शेयर ख़रीदे थे। एक लाख से भी कम का हो गया है।

क्या यस बैंक पहला है? लक्ष्मी विलास है। धन लक्ष्मी। साउथ इंडियन बैंक। इंडस इंड। आई डी एफ सी का नंबर तो नहीं आएगा? कई सारी जानकारियाँ एक सी ए की भेजी हुई हैं। आप भी चाहें तो इसमें जोड़ सकते हैं।

यस बैंक में तीस हज़ार लोग काम करते हैं। बीस हज़ार परमानेन्ट कर्मचारी हैं। इन सबका भविष्य दांव पर है। प्रार्थना है ग्राहक और कर्मचारी तकलीफ़ से न गुजरें। यस बैंक में बहुत से कर्मचारी हैं जो मेरे बारे में ही आई टी सेल की सामग्री पोस्ट करते रहते हैं। मैंने देखे हैं। सैंपल अभी पोस्ट नहीं करूँगा। ग्राहकों में भी होंगे।

ये लोग मिल कर आई टी सेल के पास जाएँ और ट्रेंड कराएँ। मेरा पैसा मेरा बैंक टाइप के हैश टैग से क्रांति आ जाएगी। आज़मा लें। लेकिन एक सवाल और करें। कर्मचारी और ग्राहक। जब PMC का पैसा डूबा और ग्राहक मर रहे थे तब वे क्या लिख रहे थे? क्या सोच रहे थे?

एनडीटीवी के संपादक रवीश कुमार की एफबी वॉल से.

इसे भी पढ़ें-

मोदी जी ने किया है तो ठीक ही किया होगा!

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन