नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने राजनीतिक टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर-मित्रा को न्यूज़लॉन्ड्री की नौ महिला पत्रकारों के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र और मानहानिपूर्ण पोस्ट्स को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने X (पूर्व में ट्विटर) से इन पोस्ट्स को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है।
पत्रकारों की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि अय्यर-मित्रा ने उनके खिलाफ यौन टिप्पणियों से भरी, अपमानजनक और बेबुनियाद बातें पोस्ट कीं। उन्होंने अदालत से इन पोस्ट्स पर रोक लगाने और ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है।
“सभ्य समाज में ऐसी भाषा अस्वीकार्य”
न्यायमूर्ति पुरषेन्द्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई करते हुए साफ कहा कि जब तक ये पोस्ट्स हटाई नहीं जातीं, वे अभिजीत अय्यर-मित्रा की ओर से कोई दलील नहीं सुनेंगे। अदालत ने यहां तक चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो पुलिस को आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया जा सकता है।
न्यायमूर्ति कौरव ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐसी भाषा सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। पहले आप पोस्ट्स हटाइए, फिर हम आपकी बात सुनेंगे।”
अय्यर-मित्रा के वकील ने तर्क दिया कि उनके पास मजबूत कानूनी आधार हैं, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भाषा का चयन बेहतर हो सकता था। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि बिना किसी पूर्वाग्रह के, संबंधित पोस्ट्स पांच घंटे के भीतर हटा ली जाएंगी।
कोर्ट ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 26 मई को तय की है।
“ट्वीट किसी एक को नहीं, फिर भी संबंधित माने जाएंगे”
अय्यर-मित्रा की ओर से यह भी कहा गया कि ट्वीट किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं थे, लेकिन अदालत ने साफ किया कि, “ये पोस्ट्स याचिकाकर्ताओं से संबंधित मानी जाएंगी।”
“वेश्यालय कहना जायज़ नहीं”
अय्यर-मित्रा की ओर से यह भी कहा गया कि न्यूज़लॉन्ड्री कोई वास्तविक मीडिया संगठन नहीं है और उनकी पोस्ट्स केवल उनकी कथित संदिग्ध फंडिंग पर सवाल उठाती थीं। इस पर अदालत ने टिप्पणी की, “भले ही उनकी फंडिंग पर सवाल हों, लेकिन यह हमारे सामने विचाराधीन नहीं है। सवाल यह है कि आप उन्हें वेश्यालय कह सकते हैं या नहीं।”
कोर्ट ने कहा, “आपके पास शिकायतें और आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन शब्दों की मर्यादा होनी चाहिए।”
याचिका में इस साल किए गए कई सोशल मीडिया पोस्ट्स का उल्लेख करते हुए अय्यर-मित्रा पर आगे कोई मानहानिपूर्ण सामग्री प्रकाशित करने से रोक लगाने की भी मांग की गई है।
आपत्तिजनक ट्वीट क्या था? यहां देखें…





