योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर विवादित बयान बूमरैंग बन गया. डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म The Red Ink को दिये इंटरव्यू में उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को “जायज़” करार देते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं को “गुंडा” कह डाला. यूपी के तेज़ तर्रार पत्रकार और The Red Ink के फ़ाउंडर वीरेश पांडेय से अपने साक्षात्कार के क्रम में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने जायज़ ठहराया और कहा कि ABVP के गुंडों पर पुलिस ने सही लाठियाँ बरसाईं हैं.
जब ये ख़बर The Red Ink पर प्रसारित हुई तो ये ABVP के कार्यकर्ताओं के बीच आग की तरह फ़ैल गई। फिर क्या था विधार्थी परिषद के छात्र नेता कार्यकर्ता मंत्री के घर और ऑफिस के बाहर इकट्ठा होने लगे और नौबत ये आ गई की कुछ ही देर में हंगामा शुरू हो गया स्थित बेक़ाबू होते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. आनन फ़ानन में सभासपा के प्रमुख महासचिव और राजभर जी के दूसरे पुत्र को प्रेस-कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी और उसमें ये कहना पड़ा कि ABVP के साथ पुलिस ने जो किया है वो सही नहीं है साथ ही SBSP पूरी तरीके से छात्रों और उनके आंदोलन के साथ है… नीचे पढ़ें इस पूरे प्रकरण पर किसने क्या कहा है और वह साक्षात्कार भी देखें जिसके बाद यह सब हल्ला-हंगामा हुआ…
मनीष पांडेय-
बनारस में आपने इंटरव्यू लिया और आग लगवा दी लखनऊ में.. गजब संयोग हैं ये। वैसे अचानक ABVP के बच्चों में ये बारूद जैसी ऊर्जा कहाँ से आ रही है? कहीं सप्लाई लाइन बाहर से तो नहीं जुड़ी?”
डॉ अरविंद राजभर-
रामस्वरूप विश्वविद्यालय, बाराबंकी में ए.बी.वी.पी. (ABVP) से जुड़े एल.एल.बी. छात्रों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही और लाठीचार्ज अत्यंत निंदनीय एवं शर्मनाक है। ABVP हमेशा छात्रों के हित में कार्य करती है। शिक्षा के मंदिर में पढ़ाई करने वाले छात्रों के साथ इस प्रकार का बर्ताव किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बिना उचित अनुमति और मान्यता के एल.एल.बी. की पढ़ाई कराना छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। जब शिक्षा संस्थान ही इस तरह की अनियमितताओं में लिप्त होंगे तो छात्र अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस करेंगे। यह केवल शैक्षणिक गलती नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सपनों और करियर पर आघात है।
छात्रों पर लाठीचार्ज कर उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश करना लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है। छात्रों की समस्याओं का समाधान वार्ता और संवाद से निकलना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।
मैं सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से दृढ़ता से मांग करता हूँ कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन पर कठोर कार्रवाई की जाए। छात्रों के भविष्य की रक्षा हेतु ठोस कदम उठाए जाएँ और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी सदैव छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी छात्रों की हर लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।



