लखनऊ- Kanpur और Lucknow से जुड़े एक मामले में वरिष्ठ पत्रकार अनूप कुमार गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए न केवल जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन का अपमान किया, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी खुली चुनौती दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर 8 जनवरी 2026 को एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। शिकायतकर्ता तनवीर अहमद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि वीडियो में अनूप गुप्ता सार्वजनिक स्थान पर खड़े होकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री Rakesh Sachan, विधानसभा अध्यक्ष Satish Mahana और पुलिस प्रशासन के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र व आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं।
शिकायत के मुताबिक अनूप गुप्ता ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी धमकाने और अपमानित करने का प्रयास किया। आरोप है कि उन्होंने यह कहते हुए प्रशासन को चुनौती दी कि “शासन-प्रशासन की हिम्मत नहीं कि मुझे जेल भेज सके।”
एफआईआर में यह भी कहा गया है कि इस घटना से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई और यातायात बाधित हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में कानून-व्यवस्था की खुली अवहेलना, पुलिस बल का अपमान और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिससे सामाजिक माहौल और सार्वजनिक शांति पर असर पड़ सकता है।
शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में संज्ञान में लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक सुमित कुमार को सौंपी गई है और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है।
देखें एफआईआर…





वहीं, इस पूरे मामले में वरिष्ठ पत्रकार अनूप गुप्ता का कहना है कि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने पहले भी उनपर मुकदमा लिखवा रखा है। 5 करोड़ की मानहानि का दावा किया था। उनके भ्रष्टाचार की खबर का लगातार खुलासा करने पर उनको उपहार में मुकदमे मिल रहे हैं।
पिछले दिनों कोर्ट के आदेश पर मैंने अपना बयान दर्ज कराया था, उसी आधार पर कानपुर में उनकी रेकी कराई गई। एक दरोगा उनकी कार का दरवाजा पकड़कर खड़ा हो गया। उन्हें नीचे नहीं उतरने दिया जाता है। वह अपनी बेटी को लेने लखनऊ से कानपुर गए थे। आप वीडियो में देखिए..
अनूप गुप्ता ने कहा कि मुझसे कहा जा रहा था कि यदि तुम राकेश सचान के खिलाफ छापोगे तो तुम्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। और जिस तनवीर ने उनपर मुकदमा दर्ज कराया है उसका पूरा गैंग चलता है। वह आदमी समाज और इंसानियत के लिए खुद खतरा है। मुकदमे चाहें जितने लिख जाएं लेकिन वह सच की पत्रकारिता करते रहेंगे। जनता के हक में अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
देखें वरिष्ठ पत्रकार अनूप गुप्ता के साथ कानपुर में क्या हो रहा है-
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