शालिनी श्रीनेत-
मैं कुछ ऐसी लडकियों-महिलाओं को जानती हूं जो आये दिन किसी के साथ डेट पर जाती हैं और सब ठीक रहा तो कहीं प्राइवेट में मिलते हैं। इतना ही नहीं टिंडर से दोस्ती करती हैं और मिलने जगह, समय सुनिश्चित कर मिल भी लेती हैं।
जो लोग सिंगल रह रहे हैं, स्त्री है तो पुरुष के पास और पुरुष सिंगल है तो किसी स्त्री के पास जाएगा ही अपनी काम इच्छा पूरी करने, तो क्या ये सारे लोग चरित्रहीन हो गये? मैं तमाम पुरुषों को जानती हूं जिनका अनेक लड़कियों महिलाओं के साथ अफेयर रहा, अनेक महिलाओं के साथ सोये पर उनके आगे-पीछे खूब जूनियर लड़कियां महिलाएं घूमती हैं। उन्हें क्यों नहीं कहता कोई चरित्रहीन? क्यों नहीं जानने के बाद सम्बंध तोड़ लेता, साथ छोड़ देता?
मैं बहुत सारी ऐसी लेखिकाओं को जानती हूं, जिनका बड़ा नाम है, जिनसे नयी पीढ़ी की लड़कियां बहुत प्रभावित होती हैं, उनसे मिलने के बाद पोस्ट लिखती हैं कि आपके दर्शन हो गये मैं धन्य हो गई। बहुत सालों से दर्शनाभिलाषी थी।
तो क्या उन्हें चरित्रहीन कह कर पुकारा जाए? कितनी महिलाओं को शादी के बाद दूसरे शादीशुदा पुरुषों (लेखक) से दोस्ती हुई एक लेखक ने तो एक महिला (लेखिका) को विदेश तक भेजा, उनकी बीवी बेचारी परेशान रहीं। तो क्या उन लेखिका को चरित्रहीन कहा जाए?
कितनी सारी महिलाएं हैं जो लेखक बनने की प्रकिया में संपादक जी से प्यार कर बैठीं, एक ने पब्लिकली स्वीकारा भी, मैगजीन और अखबारों में उनके इन्टरव्यू छपे हैं कि फलां मैगजीन के संपादक से मैं प्रेम करती हूं। जबकि उनके इस प्रेम से संपादक जी की पत्नी, बेटी और पत्नी की सखियां बहुत परेशान हुईं, कि क्या किया जाए कि संपादक अपने गृहस्थ जीवन को डिस्टर्ब न करें, तो क्या उस लेखिका को चरित्रहीन कहा गया? नहीं, बल्कि उनके लेखन को लेकर वाहवाही हुई। ऐसे सैकड़ों एग्जाम्पल हैं।
पर यह बात समझ नहीं आती कि ये लड़कियां महिलाएं जिनके साथ कहा जाता है कि वे सोती हैं तो वह कौन है? वह एक पुरुष है न? तो पुरुष को कभी चरित्रहीन क्यों नहीं कहा जाता? साथ सोने वाला भी तो बराबर का भागीदार है?
एक लेखिका हैं जो पचास प्लस हैं, दूसरी स्त्रियों के अनेक प्रेम पर बातें करती हैं पर उनके बारे मे भी पता चलता है तो क्या उन्हें चरित्रहीन कहा जाना चाहिए?
स्त्री के प्रति इस तरह की भाषा पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाती है।
अफेयर, एक्ट्ररा मैरिटल अफेयर, टिंडर से दोस्तियां फिर अफेयर, वन नाइट स्टैंड, शादी से पहले किसी के साथ लिव-इन में रहना फिर शादी किसी और से कर लेना ये आम है आज के समय में तो क्या ये सारे लोग चरित्रहीन हैं?
किसी के साथ प्रेम करना और साथ सोना चरित्रहीनता है तो इसकी संख्या और बढ़ने वाली है, क्योंकि युवा पीढ़ी शादी जैसी जिम्मेदारियों मुक्त रहना चाहती है।




महेश कुमार झा
June 26, 2025 at 1:02 pm
चरित्रहीन की संख्या तो ज्यादा है ही समाज में.