चित्रा त्रिपाठी बहुतै ज्यादा क्रोधित हैं। मेरे ऊपर नहीं भाई… रवीश कुमार पर। रवीश ने अपने ट्वीट में कुछ ऐसा लिख मारा है, जिससे चित्रा त्रिपाठी के पेट में भयानक दर्द हुआ और दन्न से रवीश का ट्वीट रिट्वीट कर उन्हें भड़काऊ घोषित कर डाला है। वहीं, अपने ट्वीट में चित्रा ने खुद को पत्रकार बताया है। जबकि कल ही सीनियर जर्नलिस्ट दिबांग का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह टीवी चैनलों पर बकबक करते एंकर-एंकराओं पर बड़ा खुलासा करते हुए कहा था कि यह लोग सुबह का अखबार तक नहीं पढ़ते। इन्हें जो लिखकर दिया जाता है, बस वही टेलीप्रॉम्टर पर रटते जाते हैं।
नीचे पहले चित्रा का गुस्सा पढ़ें, फिर रवीश का ट्वीट है, उसके बाद दिबांग को सुनकर एंकर-एंराओं की हालत समझिए…
ये व्यक्ति पत्रकारों के खिलाफ भीड़ को “लिचिंग” के लिये भड़का रहा है.
एक पॉलिटिकल पार्टी की राजनीतिक यात्रा में हिस्सा लेकर अपनी पत्रकारिता बेच देने वाला शख़्स पत्रकारिता सिखाने में लगा हुआ है.
-चित्रा त्रिपाठी, सीनियर एंकर
अब वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार का लिखा पढ़िए…

मूल बात क्या है? मूल बात है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।
आप अगर-मगर के सहारे इससे नहीं बच सकते। कुछ अच्छे लोग हमेशा हैं, रहेंगे। उन्हें निशाना मत बनाइये, हिंसा और हुड़दंग नहीं होनी चाहिए। तब भी गोदी मीडिया की सच्चाई नहीं बदल जाएगी। जनता को हर दिन जागना होगा। आज इस मीडिया पर आप गर्व नहीं कर सकते.
इसके न्यूज़ रूम के लोग भी शर्म से सहमे रहते हैं। अभी भी ज़रूरत है कि देश की हर पंचायत में पोस्टर लगना चाहिए कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है। हर पार्टी के दफ्तर के बाहर यह पोस्टर लगा होना चाहिए। एयर पोर्ट पर स्पेस ख़रीद कर यह नारा लिखा जाना चाहिए।
लोगों को अपनी कार के पीछे लिखना चाहिए। इस गोदी मीडिया ने लोकतंत्र के हर कोने में सड़न पैदा कर दी है। इसके कारण कुर्सी पर बैठा हर शख़्स ख़ुद को ख़ुदा समझ बैठा है। सांसद तक लूटे जा रहे हैं। विपक्षी पार्टियाँ लूट ली जा रही हैं। वोट का अधिकार छीना गया है। इसी मीडिया के सामने।
इसलिए मूल बात है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।


