सीजेएम लखनऊ ऋषिकेश पांडेय में आज आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा दो जेलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग विषयक प्रार्थना पत्र पर थाना गोसाईगंज से 20 अक्टूबर 2023 तक आख्या मांगी है.
प्रार्थना पत्र के अनुसार 1 अक्टूबर 2023 की रात लखनऊ जेल में कैदी उज्जवल भट्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई. उनके माता पिता अमिताभ ठाकुर के साथ उज्जवल का सामान लेने जिला जेल गए थे.
वहां जेल वालों ने उनके माता-पिता को कोर्ट से सामान लेने की बात कही जिसका प्रतिवाद करने पर दो जेलर और जेलकर्मियों ने इन लोगों को अत्यंत भद्दी भद्दी गालियां दीं और इनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया.
इंस्पेक्टर गोसाईगंज तथा पुलिस कमिश्नर लखनऊ को इस संबंध मे प्रार्थना पत्र देने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने कर अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया.
पैसे के लिए हुई जेल में हत्या, एफआईआर की मांग
1 अक्टूबर की रात जिला जेल लखनऊ में उज्जवल भट्ट की कथित आत्महत्या मामले में उनके पिता आलमबाग निवासी संजीव कुमार शर्मा ने आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर के साथ थाना गोसाईगंज लखनऊ जा कर एफआईआर हेतु प्रार्थनपत्र दिया.
प्रार्थनापत्र में उन्होंने कहा कि लखनऊ जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी का कारखास रवि उज्ज्वल से पैसे की वसूली करता था और पैसे नहीं देने पर उसकी पिटाई होती थी.
उज्जवल भट्ट ने बीते दिनों कई बार अपने परिवार वालों और अपने दोस्तों को आशीष तिवारी द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने की बात बताई थी और कहा था कि उनकी कभी भी हत्या हो सकती है.
पिछले 28 सितंबर 2023 को जेल वालों द्वारा पैसे मांगे जाने पर उज्जवल भट्ट ने जेल कर्मियों के माध्यम से संदेश भेजकर जेल के अंदर दस हजार रूपए मंगवाए थे.
संजीव कुमार शर्मा के अनुसार जब वे बैरक में गए थे तो उनके बेटे की लाश योगी मुद्रा में पड़ी थी जिसके ऊपर कटा हुआ चादर लटक रहा था लेकिन उनके बेटे के गले में किसी प्रकार का फंदा नहीं था. इसके अलावा भी ऐसे तथ्य थे जो इस कथित आत्महत्या को संदिग्ध बना रहे थे.
जेल कर्मियों द्वारा मृतक के पिता, अन्य के साथ गाली गलौज, धमकी, एफआईआर की मांग
जिला जेल लखनऊ में जेल कर्मियों ने 1 अक्टूबर 2023 की रात जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मरे कैदी उज्जवल भट्ट के माता पिता तथा उनके साथ गए आजाद अधिकार सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर एवं अन्य लोगों के साथ अभद्रता और गाली गलौज किया.
ये लोग उज्जवल का सामान लेने जिला जेल लखनऊ गए थे, जहां जेल वाले उनके पिता को अकेले अंदर जाने दे रहे थे. बुरी तरह डरे उज्जवल के परिवार वालों ने जब अमिताभ ठाकुर को भी साथ अंदर ले जाने का अनुरोध किया तो जेल वालों ने सामान देने से मना कर दिया और कहा कि अब वे कोर्ट से अपना सामान लें.
इसका प्रतिवाद किए जाने पर दो जेलर और जेल कर्मी इन लोगों को अत्यंत भद्दी भद्दी गालियां देने लगे और इनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया. एक व्यक्ति नीरज यादव को दो पुलिसवालों ने उठा लिया और रिकॉर्डिंग नहीं करने दिया.
चौकी इंचार्ज जेल राजकुमार के हस्तक्षेप से ही उज्ज्वल का सामान मिल सका. अमिताभ ठाकुर ने इस संबंध में इंस्पेक्टर गोसाईगंज को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर की मांग की है.



