Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

इस जहरीले एंकर को प्राइम टाइम में माफी मंगवाकर बर्खास्त कर देना चाहिए!

राहुल देव-

मित्रों, मैंने अभी न्यूज18 डॉटकाम-न्यूज18 इंडिया समूह के प्रधान संपादक और प्रबन्ध निदेशक राहुल जोशी, बोर्ड के अध्यक्ष आदिल जैनुलभाई तथा मालिक मुकेश अंबानी से अंग्रेज़ी में पूछा है कि वे अपने कई बार दंडित एंकर एमन चोपड़ा पर क्या कड़ी कार्रवाई करने जा रहे हैं। पत्रकारिता के इस कलंक ने फिर एक बार महालक्ष्मी की नृशंस हत्या के लिए एक मुसलमान का बार-बार नाम लेकर हत्यारा बताया है जबकि पुलिस की जाँच ने बताया है कि हत्या का आरोपी एक हिंदू मुक्ति रंजन राय है।

कई बार लांछित, जुर्माने से दंडित किए जा चुके लगातार साम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने वाले इस ज़हरीले एंकर को इस समूह ने इतनी बदनामी के बावजूद अपने साथ न केवल बनाए रखा है बल्कि उसे बार-बार एंकरिंग करते रहने की इजाज़त दी है। या तो चैनल प्रबंधन यह कहे कि उस पर कोई दबाव है या फिर स्वीकार करें कि इसका यही अर्थ निकलता है कि उसके शीर्षस्थ लोग स्वयं इसी घृणापूर्ण विचारधारा का समर्थन करते हैं।

पिछले साल के नूह दंगों के दौरान उसकी आग लगाने वाली भूमिका हम भूले नहीं होंगे।

सही सज़ा तो यही होगी कि अमन चोपड़ा को तुरंत बर्खास्त किया जाए बिना किसी मुआवज़े के। तात्कालिक तौर पर आज से ही उसे प्राइमटाइम में माफ़ी माँगने का आदेश देने के बाद स्थायी रूप से एंकरिंग से बाहर कर दिया जाए। उसको कोई सज़ा न दिए जाने की स्थिति में समूचा चैनल और उसका प्रबन्धन उसके अपराधों में शामिल माने जाने चाहिए।

जो भी मित्र भारतीय पत्रकारिता की गरिमा, श्रेष्ठता और आत्मा को बनाए रखना चाहते हों वे अपने-अपने तरीक़े से प्रबंधन को कार्रवाई के लिए बाध्य करें। यह हमारा राष्ट्रीय नागरिक कर्तव्य है।

सूचना प्रसारण मंत्रालय अगर जीवित है तो प्रबंधन के साथ अश्विनी वैष्णव की भी स्पष्ट ज़िम्मेदारी बनती है।


अजीत अंजुम-
अमन चोपड़ा जैसे लोगों को जहर फैलाने के लिए पाला पोसा जा रहा है राहुल जी. राहुल जोशी और उनके मालिकों ने ही उसे छूट दे रखी वरना उसकी क्या हैसियत?

इस वीडियो पर छिड़ा घमासान… देखें

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन