Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

पब्लिक एप संस्थान के खिलाफ पीड़ित पत्रकार ने दर्ज कराई प्राथमिकी

बनियापुर, सारण (बिहार) : पब्लिक एप में 2 वर्षों से काम कर रहे पत्रकार ने संस्थान के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें पत्रकार ने संस्थान द्वारा प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। प्राथमिकी के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

दर्ज प्राथमिकी में बनियापुर निवासी पत्रकार राजू सिंह द्वारा बताया गया है कि पब्लिक एप संस्थान की सारण जिला प्रभारी आकांक्षा कुमारी के द्वारा 1 अगस्त 2019 को संस्थान में काम करने के लिए ऑफर किया गया था। बताया गया था कि आपको अपने क्षेत्र से प्रतिदिन खबरें भेजनी है, इसके अलावा आपसे कोई काम नहीं लिया जाएगा। यहां तक कि आपसे विज्ञापन का काम भी नहीं कराया जाएगा। इसके बदले आपको बोनस सहित 15 हजार रुपया प्रतिमाह दिया जाएगा।

लेकिन यह राशि संस्थान के द्वारा नहीं दी गई। आरोप है कि इतने दिनों में संस्थान के द्वारा खबर के बदले मात्र तीन से चार हजार रुपया ही प्रतिमाह एकाउंट के माध्यम से दिया गया है। कुछ दिन बाद पूछे जाने पर संस्थान के कर्मियों ने बताया कि आपका 7 हजार रुपया पीएफ फंड के रूप में काटा जा रहा है। आप इस राशि को जब चाहे ले सकते हैं। फिर संस्थान द्वारा प्रतिमाह 5 हजार रुपया का विज्ञापन वसूल कर देने की बात कहीं गई। ऐसा न करने पर आईडी बंद करने की धमकी दी जा रही है। अब पीएफ फंड को गलत बताकर राशि का गबन किया जा रहा है।

प्रताड़ना का शिकार हुए राजू सिंह के द्वारा संस्थान कर्मी पिंकी कुमारी, रवि कुमार, जसप्रीत कौर, सुजाता कुमारी, सुदीप कुमार के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420, 406/34 के तहत थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में यह भी बताया गया है कि संस्थान द्वारा ये हरकत कई अन्य रिपोर्टरों के साथ भी किया गया है। अब नए रिपोर्टरों को संस्थान के द्वारा गलत प्रलोभन देकर रखा जा रहा है। इस साजिश में संस्थान के आरोपी कर्मी भी शामिल हैं। प्राथमिकी के अनुसंधान कर्ता नसीम खान ने बताया कि मोबाइल नंबर से आरोपियों की पहचान की जा रही है तथा जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन