भोपाल। मध्य प्रदेश की ‘लाडली लक्ष्मियों से बाल मजदूरी’ करवाने वाले शराब माफिया के खिलाफ लगातार खबरें छाप रहे पंजाब केसरी और पत्रकार विनीत पाठक पर मप्र के शराब माफिया सोम डिस्टलरीज एंड वेबर्ज़ेज़ लिमिटेड ने 10 करोड़ रुपये के मानहानि का नोटिस भेजा है।
दरअसल, पिछले लंबे वक्त से पंजाब केसरी और पत्रकार विनीत पाठक सोम डिस्टलरीज और आबकारी विभाग के काले कारनामों के खुलासे कर रहे हैं। आबकारी विभाग के दस्तावेज़ों के आधार पर जो चौकाने वाले खुलासे पंजाब केसरी ने किए उसके चलते मप्र से लेकर तेलांगना तक सोम डिस्टलरीज पर कार्यवाई शुरू हो गई। वहीं इन खबरों को रोकने के लिए शराब माफिया ने पंजाब केसरी और उनके पत्रकार विनीत पाठक को रोकने ऐड़ी छोटी का जोर लगा लिया। लेकिन जब रोक नही सके तो सोम डिस्टलरीज ने पंजाब केसरी और पत्रकार विनीत पाठक को 10 करोड़ रूपये की मानहानि का नोटिस पहुँचा दिया है।
पंजाब केसरी की खबरों के चलते तेलांगना सरकार ने सोम डिस्टलरीज के बियर प्लांट का लाइसेंस किया निरस्त।
सोम डिस्टलरीज एंड वेबर्ज़ेज़ लिमिटेड ने तेलांगना में बीयर प्लांट लगाने के लिए तेलांगना सरकार से परमिशन ली थी। लेकिन पंजाब केसरी पर सोम डिस्टलरीज के गोरखधंधों की खबर को आधार बना कर तेलांगना के पूर्व सीएम के.चन्द्र शेखर राव (KCR) की पार्टी और मुख्य विपक्षी दल बीआरएस (BRS) ने सोम डिस्टलरीज के बियर प्लांट के विरोध में उतर आया। BRS के आंदोलन और पंजाब केसरी की खबरों के चलते तेलांगना सरकार को सोम डिस्टलरीज के बियर प्लांट के लाइसेंस को निरस्त करने पड़ा। जिसके चलते सोम को करोड़ो का नुकसान उठाना पड़ा।
मप्र में भी सोम के गोरखधंधों का पंजाब केसरी ने किये खुलासे, इसलिए सोम की आँखों मे खटक रहा पंजाब केसरी।
सोम डिस्टलरीज का साम्राज्य मप्र समेत छत्तीसगढ़, गोवा,दिल्ली, उड़ीसा, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में फैला हुआ है। जिसके चलते सोम ग्रुप शराब का सबसे बड़ा सिंडिकेट चला रहा है। पंजाब केसरी लगातार सोम के गोरखधंधों का खुलासा कर रहा है। जिसमें एक्साइज ड्यूटी को चोरी, अवैध स्प्रिट टैंकरों का निर्माण, 575 करोड़ के ऋण बकाया ,अवैध शराब परिवहन , शराब फैक्ट्री में बाल मजदूरी जैसे कई खुलासे पंजाब केसरी ने किए। जिसके चलते ना चाहते हुए भी मप्र सरकार को सोम ग्रुप पर कार्यवाई करनी पड़ी। यही वजह है कि पंजाब केसरी और पत्रकार विनीत पाठक शराब माफिया के निशाने पर हैं। और शराब माफिया से लेकर आबकारी विभाग तक हर कोई इन्हें रोकने की पुरजोर कोशिश में लगे हुए हैं।
देखें लीगल दस्तावेज….




