नई दिल्ली में बुधवार को रामनाथ गोयनका अवार्ड के विजेताओं को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन प्रतिभाशाली पत्रकारों को पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और The Indian Express के संस्थापक रामनाथ गोयनका को आपातकाल के दौरान उनकी पत्रकारिता के लिए श्रद्धांजलि दी।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह में प्रिंट, डिजिटल और ब्रॉडकास्ट मीडिया के पत्रकारों को विभिन्न श्रेणियों में उनके बेहतरीन कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
प्रिंट और डिजिटल मीडिया के विजेता
- हिंदी पत्रकारिता:
मृदुलिका झा (Aaj Tak) — हरियाणा के गांवों से अमेरिका जाने के लिए अपनाए जाने वाले ‘Dunki Route’ की कहानी।
- क्षेत्रीय भाषाओं में रिपोर्टिंग:
जिशा एलिजाबेथ (Madhyamam) — थाईलैंड के मानव तस्करों द्वारा भारतीय युवकों की तस्करी की स्टोरी।
- पर्यावरण, विज्ञान और तकनीकी रिपोर्टिंग:
सिबू कुमार त्रिपाठी (India Today) — जोशीमठ में भूधंसाव पर विस्तृत रिपोर्टिंग।
- अनदेखा भारत उजागर करना:
सत्यसुंदर बारिक (The Hindu) — ओडिशा के सीमावर्ती गांवों में प्रवास और पलायन पर रिपोर्टिंग।
- बिजनेस और इकॉनॉमिक्स पत्रकारिता:
ट्वेश मिश्रा (The Economic Times) — ईवी निर्माण घोटाले में गड़बड़ियों की पड़ताल।
- राजनीति और सरकार पर रिपोर्टिंग:
मैत्री पोरेचा (The Hindu) — बालासोर ट्रेन हादसे पर विस्तृत रिपोर्टिंग।
- खेल पत्रकारिता:
शहाब अली (Hindustan) — झारखंड की गोल्ड मेडलिस्ट आशा किरण बारला के गांव की दुर्दशा की रिपोर्ट।
- इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग:
निहाल एपी कोशी, महेंद्र सिंह मनराल और मिहिर वसावदा (The Indian Express) — बीजेपी के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर रिपोर्टिंग।
- फीचर राइटिंग:
शुभाजीत रॉय (The Indian Express) — इजराइल, गाजा सीमा और वेस्ट बैंक से युद्ध और तबाही की जमीनी रिपोर्टिंग।
- भारत को कवर करने वाले विदेशी पत्रकार:
नीलेश क्रिस्टोफर (Rest of World) — एआई और चीन से मैन्युफैक्चरिंग शिफ्ट के सामाजिक प्रभावों की रिपोर्टिंग।
- सिविक जर्नलिज्म:
जीत मशरू और सोमिता पाल (Hindustan Times) — मुंबई के BMC अस्पतालों में दवाओं की कमी पर रिपोर्टिंग।
- फोटो जर्नलिज्म:
पी. रविकुमार (The New Indian Express) — चक्रवात मिचाउंग के कारण उत्तरी चेन्नई में तेल रिसाव की तस्वीरें।
- नॉन-फिक्शन बुक्स:
ए.आर. वेंकटचलपथी (Penguin Random House) — वी. ओ. चिदंबरम पिल्लै पर लिखी किताब।
ब्रॉडकास्ट मीडिया के विजेता
- हिंदी पत्रकारिता:
सिद्धांत मोहन (The Lallantop) — केरल की असली कहानियों पर आधारित ग्राउंड रिपोर्ट।
- क्षेत्रीय भाषाओं में रिपोर्टिंग:
मंदार गोंजारी (ABP Majha) — पुणे के ससून जनरल अस्पताल से ड्रग्स रैकेट संचालित करने की जांच।
- पर्यावरण, विज्ञान और तकनीकी रिपोर्टिंग:
जोएल माइकल और रोहिणी कृष्णमूर्ति (Down To Earth) — लुधियाना में गैस रिसाव के कारण हुई मौतों की रिपोर्टिंग।
- अनदेखा भारत उजागर करना:
विष्णुकांत तिवारी और अतहर राथर (The Quint) — झारखंड में जादू-टोना के नाम पर महिलाओं की हत्या पर रिपोर्टिंग।
- राजनीति और सरकार पर रिपोर्टिंग:
आशुतोष मिश्रा (India Today TV) — मणिपुर में जातीय हिंसा पर ग्राउंड रिपोर्ट।
- खेल पत्रकारिता:
तेजस वैद्य और एनाक्षी राजवंशी (BBC Hindi) — गुजरात की दिव्यांग महिला क्रिकेटरों की संघर्षपूर्ण यात्रा।
- इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग:
अनुराग द्वारी (NDTV) — विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों की खोजी रिपोर्टिंग।
रामनाथ गोयनका अवार्ड भारतीय पत्रकारिता में उत्कृष्टता को मान्यता देता है। इस वर्ष जिन पत्रकारों को सम्मानित किया गया, वे उन मुद्दों को सामने लाने में सफल रहे हैं, जो आमतौर पर अनदेखे रह जाते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस अवसर पर कहा कि पत्रकारिता का सशक्त स्वर लोकतंत्र को मजबूत करता है।
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