व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांग्लादेश से जुड़े एक सवाल पर ट्रंप के जवाब को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद के चलते बांग्लादेश के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार ‘द डेली स्टार’ को अपनी रिपोर्टिंग के लिए माफी मांगनी पड़ी।
दरअसल, ट्रंप से एक पत्रकार ने बांग्लादेश के हालात और उसमें ‘डीप स्टेट’ की भूमिका पर सवाल किया था। जवाब में ट्रंप ने कहा, “हमारे डीप स्टेट की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। इस पर प्रधानमंत्री (मोदी) काफ़ी लंबे समय से काम कर रहे हैं, और सौ से अधिक सालों से इस पर काम किया जा चुका है। मैं इसके बारे में पढ़ रहा हूं, लेकिन मैं बांग्लादेश को प्रधानमंत्री के लिए छोड़ता हूं।”
बीबीसी के अनुसार, ट्रंप के इस जवाब की अलग-अलग व्याख्या होने लगी। ‘द डेली स्टार’ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि “ट्रंप ने बांग्लादेश का विषय मोदी के हाथ में छोड़ दिया।” इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद बांग्लादेश में इस पर व्यापक बहस छिड़ गई और अख़बार की कड़ी आलोचना होने लगी।

विश्लेषकों का कहना था कि ट्रंप का बयान सवाल को मोदी के पास टालने के संदर्भ में था, न कि बांग्लादेश को भारत के हवाले करने के अर्थ में। बढ़ते विवाद के बीच ‘द डेली स्टार’ को अपनी रिपोर्ट पर सफाई देनी पड़ी और सोशल मीडिया पर माफ़ीनामा जारी किया।
अख़बार ने लिखा, “हम अपने पाठकों, संरक्षकों और शुभचिंतकों से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की वॉशिंगटन में हुई मुलाक़ात पर 14 फरवरी को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट के लिए खेद व्यक्त करते हैं और ईमानदारी से माफ़ी मांगते हैं।”
अख़बार ने यह भी स्वीकार किया कि उसकी रिपोर्टिंग “ग़लत और भ्रामक” थी और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने के लिए डिजिटल न्यूज़रूम में सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
यह पहली बार नहीं है जब ‘द डेली स्टार’ विवादों में आया हो। इससे पहले भी इस अख़बार पर भारत का समर्थन करने के आरोप लगे थे, जिसके चलते उसके दफ्तर के बाहर प्रदर्शन हुए थे। हालांकि, इस बार की गलती ने इसकी पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


