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वर्ल्ड प्रीमियर : इस फेस्टिवल में गई इकलौती भारतीय फिल्म है विनोद कापड़ी की ‘पायर’

अशोक पांडे-

हीरा देवी और पदम सिंह कल दिल्ली से एस्टोनिया की राजधानी टालिन के लिए रवाना हो गए. कल यानी 19 नवम्बर की शाम छह बजे विनोद कापड़ी की फिल्म ‘पायर’ का वर्ल्ड प्रीमियर होना है.

टालिन में चल रहे ब्लैक नाइट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से इस बारे में एक स्टार एलर्ट जारी हुआ है. फेस्टिवल के एक मुख्य आकर्षण के बतौर इसके लिए टालिन नगर के अपोलो कीनो प्लाज़ा के लक्ज़री हॉल में फिल्म का स्पेशल शो होना है. सनद रहे इस प्रतिष्ठित फेस्टिवल में शामिल की गई यह इकलौती भारतीय फिल्म है.

फिल्म की लीड-अभिनेत्री हीरा देवी के बारे में मैंने कुछ दिन पहले लिखा था. मुख्य अभिनेता का किरदार निभाने वाले 75-वर्षीय पदम सिंह की कथा भी कम मार्मिक नहीं है. फ़ौज में नौकरी से बरसों पहले रिटायर हुए पदम सिंह निस्संतान हैं. इस बरस मार्च में उनकी पत्नी का भी देहांत हो गया. उसके थोड़े ही समय बाद डाक्टरों ने उन्हें भी एक गंभीर बीमारी से ग्रस्त पाया और कीमोथेरेपी शुरू की.

फिल्म के लीड रोल के लिए विनोद ने शुरू में नसीरुद्दीन शाह से बात की थी. उन्होंने हामी भर दी थी लेकिन उन्हीं दिनों कोरोना आ गया और वह बात बन न पाई. पदम सिंह को किस तरह चुना गया उसकी कहानी ज़रा लम्बी है. कभी फुर्सत में सुनाऊँगा.

कुमाऊँ के सुदूर गाँवों में अपनी उम्रों का लंबा हिस्सा काट चुके इन दोनों की जीवनयात्रा में यह पड़ाव ऐसी आयु में आया है जब लोग अमूमन अपने अन्त की प्रतीक्षा करना शुरू कर देते हैं. उनकी यह अकल्पनीय यात्रा यकीन दिलाती है कि भीतर हौसला और जिद हो तो तिलिस्म अब भी घट सकते हैं. यह समूचा तिलिस्म अकेले विनोद कापड़ी का बांधा हुआ है.

कल दोनों ने पहली दफा एयरपोर्ट देखा और हवाई जहाज़ के भीतर बैठे. मुमकिन है कि फोटो में दिखाई दे रहे दोनों के मुस्कराते चेहरे प्रसन्नता और हैरत और उन तमाम भावनाओं को पूरी तरह अभिव्यक्त न कर पा रहे हों जो उनके भीतर घुमड़ रही होंगी.

मैंने पिछली पोस्ट में हीरा देवी की जिस भैंस का ज़िक्र किया था वह फिर से गाभिन है. गाँव छोड़ने से पहले वे भैंस की देखभाल का पूरा इंतजाम करके आई हैं. इस काम के लिए उन्होंने अपनी विवाहिता बेटी को ससुराल से घर बुला लिया है. अब हम इस बात को लेकर निश्चित हो सकते हैं कि टालिन फेस्टिवल में जब दुनिया उनके काम को सराह रही होगी वे उन सारे क्षणों को पूरी तरह जियेंगी और आने वाले ढेर बरसों तक अपने नाती-पोतों को सुनाई जाने वाली ढेरों कहानियों को इकठ्ठा कर रही होंगी.

फोटो (सबसे ऊपर): सबसे आगे की सीटों पर निर्देशक विनोद कापड़ी, पदम सिंह और हीरा देवी. फोटो क्रेडिट : साक्षी जोशी

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