नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉपीराइट उल्लंघन के एक मामले में मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta) को ज़ी एंटरटेनमेंट के टीवी धारावाहिकों और वेब सीरीज से जुड़े कथित अवैध कंटेंट को 14 फेसबुक पेजों से हटाने का निर्देश दिया है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल इन फेसबुक पेजों को ब्लॉक करने का आदेश देने से इनकार कर दिया।
जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने ज़ी एंटरटेनमेंट की ओर से दायर कॉपीराइट उल्लंघन याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए मेटा को उन सभी यूआरएल (URLs) से कंटेंट हटाने का निर्देश दिया, जिनकी पहचान ज़ी ने की थी।
ज़ी एंटरटेनमेंट ने अदालत को बताया कि कई फेसबुक पेज संचालक उसकी टीवी सीरियल्स और वेब सीरीज को बिना अनुमति लगातार अपलोड और प्रसारित कर रहे हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि रिपोर्ट किए गए कंटेंट को मेटा कई बार केवल कुछ देशों या क्षेत्रों में ही हटाता है, जबकि वही सामग्री अन्य जगहों पर उपलब्ध रहती है।
ज़ी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव मुखर्जी ने अदालत को बताया कि इन फेसबुक पेजों पर ज़ी के कंटेंट के साथ विज्ञापन दिखाकर कमाई की जा रही है और इससे मेटा को भी आर्थिक लाभ हो सकता है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) ज़ी एंटरटेनमेंट का पक्ष मजबूत है और यदि तत्काल राहत नहीं दी गई तो कंपनी को अपूरणीय क्षति हो सकती है। इसके आधार पर कोर्ट ने मेटा और संबंधित फेसबुक पेज संचालकों के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा (Ad-Interim Injunction) जारी करते हुए विवादित कंटेंट हटाने का निर्देश दिया।
ज़ी एंटरटेनमेंट ने अपनी याचिका में स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा, डायनेमिक इंजंक्शन, हर्जाना, संबंधित जानकारी का खुलासा, आय-व्यय का विवरण और कथित उल्लंघन से जुड़ी सामग्री सौंपने सहित अन्य राहतों की भी मांग की है।
अब इस मामले में आगे की कार्यवाही के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को संयुक्त रजिस्ट्रार (Joint Registrar) के समक्ष निर्धारित की है।


