Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

हिंदुस्तान के संपादक शशि शेखर और ब्यूरो चीफ आनंद मिश्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, देखें अदालती दस्तावेज

प्रयागराज- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हिंदुस्तान अखबार के एडिटर इन चीफ शशि शेखर और प्रयागराज ब्यूरो चीफ़ आनंद कुमार मिश्रा को आज बड़ा झटका दिया है। एडिशनल चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-15 की बेंच ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) खारिज कर दी है।

इस प्रकरण में दैनिक जागरण भी शामिल था। अखबार के प्रधान संपादक संजय गुप्ता को भी नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन लोगों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए हाई कोर्ट का रुख नहीं किया। जबकि शशि शेखर व ब्यूरो चीफ प्रयागराज आनंद मिश्रा हाई कोर्ट पहुंच गए।

मामले में महिला इंस्पेक्टर का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष कुमार कुशवाहा ने भड़ास4मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि- “बीएनएस की धाराओं में दोनों संस्थानों और पत्रकारों को नोटिस भेजा गया था। मामला निचली अदालत में चल रहा था। यहां से कोई फैसला होता तब ही हाईकोर्ट में सुनवाई होती। लेकिन हिंदुस्तान प्रबंधन अपनी चतुराई में एक तरह से निचली अदालत को बिना जवाब दिए हाईकोर्ट पहुंच गया, जो दांव उल्टा पड़ गया। कोर्ट ने दोनों पत्रकारों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।”

पूरा मामला क्या है?

5 जुलाई 2025 को हिंदुस्तान और दैनिक जागरण अखबार में गलत खबर प्रकाशित करने को लेकर एक आबकारी महिला इंस्पेक्टर ने अखबार और पत्रकारों को कानूनी नोटिस भेजा था। आरोप था कि दोनों अखबारों ने वास्तविकता को बिना जाने मनगढंत खबर बनाकर पब्लिश कर दी।

मामला प्रयागराज के फूलपुर में तैनात महिला एक्साइज इंस्पेक्टर वंदना सिंह से जुड़ा था। वंदना ने गोदाम से देशी शराब की गलत निकासी का एक मामला पकड़ा था। जिसकी शिकायत उन्होंने उच्चाधिकारियों से भी की थी। बहरहाल, इस प्रकरण में वंदना का पक्ष जाने बिना उन्हें निलंबित कर उनकी जगह अभिषेक मिश्रा को तैनात कर दिया गया।

इसी खबर को हिंदुस्तान और जागरण ने हूबहू बिना वंदना सिंह का पक्ष लिए प्रकाशित कर दी थी। जबकि यह मामला सिंडिकेट के भीतर चल रहे बड़े भ्रष्टाचार की जड़े उधेड़ने वाला था।

वंदना का आरोप था कि दोनों अखबारों में छपी खबरें उनकी गरिमा के विरूद्ध हैं। जिसके लिए उन्होंने दैनिक जागरण एवं हिन्दुस्तान के विरुद्ध लीगल नोटिस उनके संपादकों को मानहानि करने एवं गलत प्रकाशन करने को लेकर प्रेषित करवाया गया था।

देखें अदालती दस्तावेज…

ये भी पढ़ें…

ब्रेकिंग: हिंदुस्तान के संपादक शशि शेखर और ब्यूरो चीफ को कोर्ट से झटका, जागरण वाले बच गए!

मूल खबर…

हिंदुस्तान और दैनिक जागरण को महिला आबकारी इंस्पेक्टर ने भेजा लीगल नोटिस

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन