उन्नाव: मैं निखिलेश प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय रामबरन सिंह इंदिरा नगर उन्नाव, जनपद उन्नाव का निवासी हूं। मैं पिछले 8 वर्षों से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में हूं। मैंने कई चैनलों में काम किया हुआ है, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ जैसा इस बार हुआ है।
मुझे समाचार प्लस में 21 जून को जोड़ा गया था। मुझ पर लगातार कॉन्क्लेव का दबाव अम्बरीश सिंह यूपी हेड द्वारा बनाया जा रहा था। इसके बाद आज मुझे बिना नोटिस-बिना कोई कारण बताए संस्थान से हटा दिया गया।


साथ ही मुझे ग्रुप से भी रिमूव कर दिया गया। और एक दूसरे व्यक्ति को जोड़ा गया है जिसके ऊपर कई मुकदमे दर्ज हैं। वह जेल में भी रह चुका है।
सवाल बस यही है कि क्या जिसे जोड़ा गया है उसने कॉन्क्लेव कराने की हामी भर ली है। और क्या 4-5 लाख रुपये का एक कॉन्क्लेव करा लेने भर से किसी संस्थान में अपराधियों को एंट्री दी जा सकती है।


इस पूरे प्रकरण पर भड़ास4मीडिया की तरफ से संस्थान के इनपुट इंचार्ज प्रवीण को फोन किया गया। प्रवीण ने हमें बताया कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने निखिलेश को बताकर चैनल से हटाया है। आवाज साफ न आने की कहकर प्रवीण ने कॉल बैक करने की बात कहकर फोन कट कर दिया।
इसके थोड़ी ही देर बाद प्रवीण की तरफ से निखिलेश को फोन किया गया। जिसमें प्रवीण और निखिलेश की बातचीत हो रही है। प्रवीण ने निखिलेश से कहा, भाई भड़ास तक बात पहुंचा दी। जिसपर निखिलेश कह रहा है, आपने बिना किसी कारण मुझे हटाया है। जिसपर प्रवीण भाई भाई कहकर संबंधों की दुहाई दे रहा है। भड़ास के पास वह पूरा ऑडियो सुरक्षित है।
संस्थान की तरफ से भेजा गया पक्ष-
विषय: समाचार प्लस चैनल के निष्कासित संवाददाता द्वारा संस्थान को बदनाम करने की साजिश और धोखाधड़ी के संबंध में।
सेवा में,
संपादक,
भड़ास4मीडिया,नोएडा
महोदय,
मैं आपका ध्यान समाचार प्लस न्यूज़ चैनल (उत्तर प्रदेश) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी और संस्थान का पक्ष रखने के लिए इस पत्र के माध्यम से आकर्षित करना चाहता हूँ।
हाल ही में उन्नाव के पूर्व जिला संवाददाता निखिलेश प्रताप सिंह (निखिलेश सिंह) द्वारा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से संस्थान तथा संस्थान के वरिष्ठ सहयोगियों के खिलाफ कुछ भ्रामक और मनगढ़ंत आरोप लगाकर छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में समाचार प्लस के रेजिडेंट एडिटर/स्टेट हेड अम्बरीश सिंह द्वारा आधिकारिक वक्तव्य जारी कर स्थिति स्पष्ट की गई है।
पूरा मामला इस प्रकार है:
संस्थान को गुमराह करना व धोखाधड़ी: निखिलेश सिंह ने समाचार प्लस से जुड़ते समय यह तथ्य छुपाया कि वे पहले से ही एक अन्य चैनल में कार्यरत थे। इसके साथ ही वे एक तीसरे चैनल के लिए भी काम कर रहे थे। पत्रकारिता के सिद्धांतों और संस्थान की नीतियों के इस गंभीर उल्लंघन (Multiple Employment) के कारण उन्हें चैनल से निष्कासित किया गया।
आरोप पूरी तरह बेबुनियाद: निष्कासन से बौखलाकर निखिलेश सिंह द्वारा कॉन्क्लेव या किसी ‘विशेष डिमांड’ के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। चैनल के रूटीन कार्यक्रमों और खबरों के समन्वय के लिए ही ऑफिशियल ग्रुप बनाए गए थे।
वरिष्ठ सहयोगियों पर अनर्गल लांछन:
निखिलेश द्वारा संस्थान के वरिष्ठ सहयोगी राजेश बाजपेई पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जो साल 2012 से (पिछले 14 वर्षों से) पूरी निष्ठा के साथ संस्थान से जुड़े हुए हैं। अपनी गलती से बाहर होने के बाद निखिलेश पुरानी खुन्नस निकालने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
संस्थान का स्पष्ट मानना है कि पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग, अनुशासनहीनता और धोखाधड़ी करने वाले तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। किसी भी व्यक्ति की साख कोई एक निष्कासित कर्मी तय नहीं कर सकता। संस्थान ऐसे भ्रामक दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
अतः आपसे अनुरोध है कि पत्रकारिता की शुचिता और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए संस्थान के इस आधिकारिक पक्ष/बयान को अपने सम्मानित पोर्टल भड़ास4मीडिया पर प्रमुखता से स्थान देने की कृपा करें।
भवदीय,
अम्बरीश सिंह
रेजिडेंट एडिटर/स्टेट हेड यूपी
समाचार प्लस न्यूज चैनल



