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सियासत

भारत की जेलों में बंद तीन गैंगस्टर अमेरिका में हत्या का नेटवर्क चला रहे हैं, एफबीआई का खुलासा!

Department of Justice press conference: official at a podium with firearms laid out on a blue-covered table, flags behind.

रवीश कुमार-

अमेरिका ने आज एक बड़ा पर्दाफ़ाश किया है। FBI के अनुसार भारत की जेलों में अमेरिका और दूसरे देशों में अपराध के नेटवर्क चल रहे हैं। इस नेटवर्क के सैंकड़ों सदस्य अमेरिका में टारगेट किलिंग, अपहरण और फिरौती में शामिल हैं।

असम की जेल में बंद भगवानपुरिया के गैंग के एक हज़ार लड़के अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में ऑपरेट कर रहे हैं। FBI ने आज भारत की पुलिस सिस्टम को उजागर कर दिया।

यह ऐसा मामला है जो दुनिया भर में रहने वाले अनगिनत भारतीयों को प्रभावित करने वाला है। उम्मीद है आप वीडियो पूरा करेंगे।


शीतल पी सिंह-

FBI Los Angeles के मुताबिक़, अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से एक आपराधिक सिंडिकेट के विरुध्द कार्रवाई की गई है। इसमें कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 11 आरोपी कैलिफ़ोर्निया (अमेरिका) से हैं।

इन लोगों पर भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों से संबंध रखने का आरोप है। इन गिरोहों पर हत्या, सुपारी किलिंग, गोलीबारी, रंगदारी (एक्सटॉर्शन), अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी, और रैकेट चलाने जैसे गंभीर अपराधों के आरोप हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं मामलों में 2023 में कनाडा में एक प्रमुख भारतीय राजनीतिक और धार्मिक नेता की हत्या भी शामिल है।

इस पूरी कार्रवाई को “ऑपरेशन हार्ड बॉल” नाम दिया गया है। यह कई वर्षों तक चली संघीय जांच का परिणाम है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन अपराधी गिरोहों की गतिविधियों का असर दुनिया भर में फैले भारतीय मूल के लोगों (भारतीय डायस्पोरा) पर भी पड़ा है।

आज सार्वजनिक किए गए तीन अलग-अलग आरोपपत्रों में कुल 37 लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं जो भारत की जेल में रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे, ऐसा अमेरिकी जांच एजेंसियों का दावा है।

गिरफ्तार किए गए लोगों में:

  • अमेरिका में 13 (11 कैलिफ़ोर्निया, 1 इंडियाना, 1 जॉर्जिया)
  • कनाडा में 3
  • स्पेन में 1
  • 7 आरोपी पहले से ही हिरासत में थे।

इसके अलावा 10 आरोपी अभी भी फरार बताए गए हैं। इनमें 7 अमेरिका, 2 भारत और 1 यूरोप में होने का दावा किया गया है।

जांच के दौरान एजेंसियों ने लगभग 1,000 किलोग्राम कोकीन, 1 किलोग्राम हेरोइन, 40,000 अमेरिकी डॉलर नकद और 12 हथियार भी बरामद किए हैं। इसके अलावा कैलिफ़ोर्निया के सैक्रामेंटो क्षेत्र में 23 और लॉस एंजिलिस क्षेत्र में 11 स्थानों पर तलाशी ली गई।

ध्यान दें : यह जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग और जांच एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक बयान पर आधारित है।


ज्ञानेंद्र अवस्थी-

लॉरेंस बिश्नोई 10 साल से भारत की जेल में है। तो अमेरिका, कनाडा और यूरोप में उसका हत्या का नेटवर्क कैसे चल रहा है? इस सवाल का जवाब FBI ने दिया। भारत सरकार ने नहीं।

Operation Hard Ball

FBI ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के साथ मिलकर एक ऑपरेशन चलाया। नाम है — Operation Hard Ball.

तीन महाद्वीप। कई देश। एक साथ। नतीजा — 24 गिरफ्तारियां। तीन गैंग बेनकाब हुए —

लॉरेंस बिश्नोई।
जग्गू भगवानपुरिया।
रविंद्र ढांडा।

तीनों के सरगना — भारत की जेलों में बंद।

FBI ने जो कहा — वह शर्मनाक है

FBI ने साफ कहा — “भारत की जेलों में बंद इन गैंगस्टरों को जेल के भीतर फोन और इंटरनेट उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।”

“यह भारत के अधिकारियों को रिश्वत देकर संभव होता है।”

यानी — साबरमती जेल में बंद बिश्नोई हत्या के आदेश दे रहा है। सिलचर जेल में बंद भगवानपुरिया दुनिया भर में 1,000 से अधिक गुर्गों का नेटवर्क चला रहा है। और भारत की पुलिस देखती रही।

पंजाब पुलिस का वह अधिकारी

होशियारपुर जिले के टांडा थाने का एक SAO — गुरिंदरजीत सिंह नागरा। भगवानपुरिया गैंग के निर्देश पर — अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से ₹4 करोड़ की फिरौती मांगी गई। धमकी दी गई — “पैसे नहीं दिए तो पंजाब में रहने वाले तुम्हारे रिश्तेदारों को हत्या के मामले में फंसा देंगे।” यह खुलासा किसने किया? पंजाब पुलिस ने नहीं। FBI ने।

अब अमेरिका का Attorney इस पुलिस अधिकारी के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। भारत का एक पुलिस अधिकारी अमेरिका की जेल जा सकता है। यह शर्म की बात है।

वह मामला जिसे FBI ने उजागर किया

जनवरी 2026 में पंजाब के टांडा में AAP नेता बलविंदर सिंह की हत्या हुई। उसी हत्या के मामले में SAO नागरा एक निर्दोष परिवार को फंसाने की धमकी दे रहा था। अगर FBI यह मामला सामने नहीं लाती — तो तीन निर्दोष लोग हत्या के आरोप में जेल में होते। शायद उनका एनकाउंटर भी हो जाता। भारत में शिकायत करते रह जाते। अमेरिका की एजेंसी ने उन्हें बचाया।

निजर। पन्नू। बाबा सिद्दीकी।

  • 2023 — कनाडा में हरदीप सिंह निजर की हत्या।
  • 2023 — न्यूयॉर्क में पन्नू की हत्या की असफल कोशिश।
  • 2024 — मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या।

तीनों मामलों में बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया। तीन साल में भारत सरकार ने क्या किया? कनाडा से संबंध बिगड़ गए। अमेरिका से तनाव बढ़ा। और बिश्नोई जेल में बैठकर अपना नेटवर्क चलाता रहा।

सवाल जो पूछे जाने चाहिए

गृह मंत्री अमित शाह से — साबरमती जेल में बंद बिश्नोई तक फोन कौन पहुंचाता है? BJP शासित राज्य की जेल में यह कैसे संभव है?

असम के मुख्यमंत्री हेमंता विश्वा शर्मा से — सिलचर जेल से भगवानपुरिया का 1,000 गुर्गों का नेटवर्क कैसे चलता रहा?

प्रधानमंत्री मोदी से — हर साल पुलिस प्रमुखों के साथ बैठक होती है। इनकी नाक के नीचे यह सब होता रहा — इसकी जवाबदेही किसकी है?

भारत की चुप्पी

अमेरिका में इतनी बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। भारत से जुड़े एक खतरनाक नेटवर्क की जानकारी सामने आई। घंटों बाद भी भारत सरकार का कोई बयान नहीं आया। गृह मंत्रालय चुप। विदेश मंत्रालय चुप। कनाडा में भारत के High Commissioner ने केवल इतना कहा — “गिरफ्तारियों का स्वागत है।”

लेकिन जिनके सरगना आपकी जेलों से नेटवर्क चला रहे हैं — उनका स्वागत करने से पहले खुद को आईना दिखाइए।

NRI की छवि दांव पर

अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में लाखों भारतीय रहते हैं। मेहनत करते हैं। इज्जत कमाते हैं। और अब भारत की जेलों से चलने वाले गैंग उनकी छवि पर दाग लगा रहे हैं। वहां रहने वाले भारतीयों को — अपनी जमीन की चिंता करनी पड़े।अपने रिश्तेदारों की सुरक्षा की चिंता करनी पड़े। और यह सब इसलिए कि भारत की जेलें गैंगस्टरों के लिए ऑफिस बन चुकी हैं।

एक आखिरी बात

जब पेपर लीक हुआ — शिक्षा मंत्री नहीं हटे। जब राम मंदिर में घोटाले के आरोप लगे — ट्रस्ट के लोगों ने इस्तीफे दिए। और जब भारत की जेलों से अमेरिका में हत्याओं का नेटवर्क चलता रहा — गृह मंत्री अमित शाह मौन रहे। यह जवाबदेही नहीं है। यह शर्म है।

जो काम भारत की एजेंसियों को करना था —वह FBI ने किया। और यह सवाल हर नागरिक को पूछना चाहिए — आखिर हमारी एजेंसियां कर क्या रही थीं?

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