मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फिल्म निर्माता और कारोबारी धर्मेश नरेंद्र संगानी तथा उनकी कंपनी कलानी इम्पेक्स लिमिटेड के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान ईडी ने मुंबई स्थित परिसरों पर तलाशी ली और कई अहम दस्तावेज तथा डिजिटल साक्ष्य जब्त किए।
धर्मेश संगानी का नाम अभिनेता शेखर सुमन की Shekhar Suman Film Academy (SSFA) से भी जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह इस अकादमी के संस्थापक (Founder) हैं और GBM Studios के माध्यम से फिल्म एवं टेलीविजन प्रशिक्षण और प्रोडक्शन गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
क्या हैं आरोप?
ईडी के अनुसार जांच में कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि धर्मेश संगानी और उनकी कंपनी से जुड़े ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे बिना घोषित विदेशी संपत्तियों, विदेशी बैंक खातों और संदिग्ध सीमा-पार वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आई है। जांच में कनाडा, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कथित तौर पर अघोषित बैंक खातों का भी पता चला है। इसके अलावा कनाडा की एक कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी होने के भी संकेत मिले हैं, जिसकी जानकारी संबंधित प्राधिकरणों को नहीं दी गई थी।
13वीं मंजिल से मोबाइल फेंकने का आरोप
तलाशी के दौरान ईडी ने आरोप लगाया कि धर्मेश संगानी ने कथित तौर पर अपना मोबाइल फोन इमारत की 13वीं मंजिल से नीचे फेंककर सबूत नष्ट करने की कोशिश की। हालांकि जांच एजेंसी ने मोबाइल बरामद कर लिया। इस मामले में ईडी ने मुंबई पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
निर्यात लेनदेन भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी के कुछ विदेशी खरीदारों से निर्यात के बदले मिलने वाली राशि लंबे समय बाद भी भारत नहीं आई। साथ ही, इस अवधि को बढ़ाने के लिए अधिकृत डीलर बैंक से आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई, जिसे FEMA नियमों का संभावित उल्लंघन माना जा रहा है।
अभी तक नहीं आया पक्ष
धर्मेश संगानी या उनकी कंपनियों की ओर से इस कार्रवाई पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ईडी मामले की जांच जारी रखे हुए है और जब्त दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
ये तो होना ही था!
ED ने शेखर सुमन शो से जुड़े बिजनेसमैन पर रेड मारा। हैरानी की बात है कि इतना देर कैसे हुआ! शेखर सुमन अपने शो में ऐसी बाते कर रहे थे जिसे मीडिया को आदर्श स्थिति में करना चाहिए था। इतनी बड़ी गलती कर दी थी तो सजा तो मिलनी ही थी!
वैसे मुझे अभी भी लग रहा है कि ED राम मंदिर चंदा घोटाला में ताबड़तोड़ छापे मारेगी और चंपत रायसहित सारे मेम्बर को कम से कम 6 महीने जेल रखेगी!
-नरेंद्र नाथ मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार



