नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी को दो महीने के लिए प्रतिभूति बाजार (Securities Market) तक पहुंचने से रोक दिया है। वहीं, कंपनी के एमडी एवं सीईओ पुनीत गोयनका और एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा पर 12-12 महीने का प्रतिबंध लगाया गया है।
SEBI ने इस मामले में ज़ी पर 30 लाख रुपये, पुनीत गोयनका पर 58 लाख रुपये और सुभाष चंद्रा पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस तरह कुल 1.48 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। 31 जुलाई को जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित ज़ी एंटरटेनमेंट की करीब 17,639.64 वर्गमीटर जमीन से जुड़ा है। SEBI के अनुसार, दिसंबर 2018 में इस संपत्ति के मूल दस्तावेज इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के पास गिरवी रखे गए थे। यह गिरवी एस्सेल समूह की चार कंपनियों द्वारा लिए गए ऋण की सुरक्षा के लिए रखी गई थी।
जांच में SEBI ने पाया कि ज़ी न तो उन ऋणों की उधारकर्ता (Borrower) थी और न ही उसे ऋण की कोई राशि मिली थी। इसके बावजूद कंपनी की संपत्ति को प्रमोटर समूह की कंपनियों के कर्ज के लिए इस्तेमाल किया गया।
SEBI ने क्या पाया?
SEBI के मुताबिक—
- इस लेनदेन को ज़ी की ऑडिट कमेटी से मंजूरी नहीं मिली।
- इसे रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के रूप में सही ढंग से उजागर नहीं किया गया।
- कंपनी ने वित्तीय विवरणों में संभावित देनदारियों (Contingent Liabilities) का भी पर्याप्त खुलासा नहीं किया।
- हैदराबाद की संपत्ति से जुड़े अदालती मामलों, ‘नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग’ और बाद में टाइटल डीड्स जारी होने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी निवेशकों को समय पर नहीं दी गईं।
SEBI ने इसे सूचीबद्ध कंपनी की संपत्ति का उपयोग प्रमोटर समूह की कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए किया गया धोखाधड़ीपूर्ण (Fraudulent) आचरण माना है।
ज़ी का पक्ष
ज़ी एंटरटेनमेंट ने कहा है कि वह SEBI के आदेश पर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है और आरोपों को कानूनी रूप से चुनौती देगी।
हालांकि कंपनी का कहना है कि इस आदेश का उसके 3,143.5 करोड़ रुपये के फंड जुटाने (Fundraise) की योजना पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने कहा कि शेयरधारकों और स्टॉक एक्सचेंजों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद फंड जुटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
शेयरधारकों ने दी फंड जुटाने को मंजूरी
31 जुलाई को हुई असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों ने प्रमोटर समूह की कंपनी सनब्राइट मॉरीशस इन्वेस्टमेंट्स को 126 रुपये प्रति वारंट की दर से 24.94 करोड़ पूर्ण परिवर्तनीय वारंट (Fully Convertible Warrants) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
वारंट पूरी तरह शेयरों में बदलने के बाद ज़ी में प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 3.99 प्रतिशत से बढ़कर 23.79 प्रतिशत हो जाएगी।
कहां होगा निवेश?
ज़ी ने जुटाई जाने वाली पूंजी का उपयोग कई क्षेत्रों में करने की योजना बनाई है, जिनमें—
- 1,000 करोड़ रुपये खेल प्रसारण अधिकार और इंफ्रास्ट्रक्चर
- 944 करोड़ रुपये संभावित अधिग्रहण (Acquisitions)
- 450-450 करोड़ रुपये कंटेंट, टेक्नोलॉजी, डिजिटल और एआई पहल
- माइक्रो-ड्रामा प्लेटफॉर्म Bullet
- 300 करोड़ रुपये बच्चों के कंटेंट और एनीमेशन के लिए शामिल हैं।
कंपनी ने कहा है कि वह सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करते हुए आरोपों का जवाब देगी और निवेशकों व अन्य हितधारकों के हितों की रक्षा करेगी।


