चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन ने अपने खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित और प्रसारित किए जाने के मामले में कई मीडिया संस्थानों और प्रमुख टेक इंटरमीडियरी कंपनियों को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में संबंधित सामग्री को हटाने और वापस लेने की मांग की गई है।
यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजे गए एक कथित पत्र से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का है। इन खबरों में दावा किया गया था कि उक्त पत्र में राजबीर सिंह घुम्मन पर सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को प्रभावित करने, गोपनीय सरकारी दस्तावेज लीक करने, हथियारों के लाइसेंस दिलाने तथा कथित रूप से पैसे या अन्य लाभ के बदले सरकारी मंजूरियां हासिल कराने जैसे आरोप लगाए गए थे।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा बताया गया मामला
न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट के अनुसार, यह कथित पत्र एक मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित था। जांच एक हाउसिंग सोसायटी से जुड़े मामले में जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी चेंज ऑफ लैंड यूज़ (CLU) की मंजूरी लेने के लिए कथित तौर पर फर्जी सहमति पत्र जमा किए जाने के आरोपों से जुड़ी बताई गई थी।
राजबीर सिंह घुम्मन की ओर से अधिवक्ता संगम गर्ग के माध्यम से भेजे गए कानूनी नोटिस में कहा गया है कि कई मीडिया रिपोर्टों और अन्य सामग्रियों में घुम्मन पर पंजाब सरकार के भीतर कथित ‘ट्रांसफर-पोस्टिंग नेटवर्क’, ‘नेक्सस’ या ‘रैकेट’ को नियंत्रित करने, संचालित करने, उसमें सुविधा प्रदान करने या उससे लाभ उठाने के आरोप लगाए गए।
नोटिस में इन आरोपों को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
कई बड़े मीडिया संस्थानों को नोटिस
कानूनी नोटिस पाने वालों में हिंदुस्तान टाइम्स, द प्रिंट, एबीपी सांझा और पीटीसी न्यूज के अलावा टेक कंपनियां गूगल, मेटा और एक्स भी शामिल हैं।
नोटिस में संबंधित खबरों और ऑनलाइन सामग्री को “झूठा, निराधार, लापरवाह, प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण” करार दिया गया है। घुम्मन की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि सामग्री प्रकाशित करने से पहले न तो उनका पक्ष लिया गया और न ही किसी सक्षम आधिकारिक स्रोत से आरोपों की पुष्टि के लिए कोई निष्पक्ष और सार्थक प्रयास किया गया।
सामग्री हटाने और सबूत सुरक्षित रखने की मांग
नोटिस में कथित मानहानिकारक सामग्री को हटाने और वापस लेने की मांग की गई है। इसे सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत एक औपचारिक शिकायत और शिकायत-निवारण प्रक्रिया के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है।
सभी नोटिस प्राप्तकर्ताओं से मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर मांगों का पालन नहीं करने, इनकार करने, देरी करने या अधूरा अनुपालन करने की स्थिति में राजबीर सिंह घुम्मन संबंधित पक्षों के खिलाफ उचित दीवानी, आपराधिक, वैधानिक और नियामकीय कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।
बिक्रम सिंह मजीठिया को भी भेज चुके हैं नोटिस
इससे पहले राजबीर सिंह घुम्मन इसी तरह के आरोपों को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को भी कानूनी नोटिस भेज चुके हैं। अब मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया व टेक कंपनियों को भेजे गए नोटिस के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।


