गुरदीप सिंह सप्पल-
सुभाष चंद्रा मामले में स्कैम सिर्फ यही नहीं है कि ₹22,006 करोड़ क़र्ज़ की गारंटी ₹6.5 करोड़ में सेटल कर दिया। सवाल यह भी है कि सुभाष चंद्र की नेट वर्थ 2017 में ₹45,888 करोड़ से अब मात्र ₹31.79 करोड़ कैसे रह गई?
इस बीच कोई ऐसा शेयर मार्केट का भूकंप नहीं आया ज़ी ग्रुप को ले कर या अन्य शेयर को ले कर, कि सब तबाह हो गया हो। तो फिर उनकी दौलत कहाँ और कैसे ग़ायब हो गई?
अगर सिर्फ़ उनका ख़ुद का मामला होता, तो अलग बात थी। लेकिन इस दौलत की गारंटी पर ही तो बैंकों ने उनके कहने पर ₹ 2200 करोड़ से ज़्यादा के क़र्ज़ बांट दिए थे।
इसलिए इस दौलत के ग़ायब होने को सामान्य नहीं माना जा सकता है। लेकिन क्या मोदी सरकार की कोई एजेंसी इस ओर देख रही है? क्यों नहीं?
नरेंद्र नाथ मिश्रा-
श्री सुभाष चंद्रा जी,
कल आपका इमोशनल बयान देखा! आपके अपने चैनल पर जिसके आप मालिक हैं! सुना, आप कितने दुखी हैं की किस तरह एक चैनल ने आपके बारे रिपोर्ट कर दी जिससे आप आहत हो गए हैं! आपके रेपुटेशन पर हमला हो गया है!
आपकी बात सही है! किसी भी मीडिया को किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दायरे पार कर हमला नहीं करना चाहिए! मर्यादा नहीं लांघना चाहिए!
चूँकि आप इन सालों में अपने लोन के “सेटलमेंट” में लगे थे तो बस आपको एक जानकारी दे दूँ की जिस चैनल पर आप बैठकर यह बात कह रहे थे उसी चैनल पर इन सालों में विपक्ष और हर वह आवाज जिसने किसी मुद्दों पर लोकतान्त्रिक रूप से असहमति की आवाज उठाई, उसे किस तरह बदनाम किया गया! उनपर हमला किया गया वह एक मीडिया का काला अध्याय बन गया है! कई रिपोर्ट को लेकर कोर्ट तक को कहना पड़ा की आपने हर सीमा पार कर दी! अगर आप कहेंगे तो इसकी पूरी लिस्ट भेज सकता हूँ सर!
आपने रिपोर्टिंग से आहत होकर मुकेश अम्बानी को चिठ्टी तो लिख दी, लेकिन अगर आपके चैनल से आहत हुए लोग आपको चिट्ठी लिखने लगे तो इतना कबाड़ आपके पास जमा हो जाएगा की उसे बेचकर आप करोड़ों कमा सकते हैं!
आपके साथ जो दूसरे चैनल पर हुआ आपके हिसाब से उसे साइंस की भाषा में इसे “लॉ ऑफ़ एवरेज” कहते हैं! जीवन दर्शन की भाषा में कर्मा!
खैर अब जबकि आपको एकतरफा-टारगेट करने वाली रिपोर्ट से किस तरह किसी को आहत किया जाता है, इसका अहसास हो गया है, उम्मीद करते हैं की अब कम से कम आगे से आपका चैनल एक आदर्श कायम करेगा!
बीती ताहि बिसार दे! अब आगे से अपने चैनल को एक आदर्श चैनल के रूप में स्थापित करने की कोशिश कीजिये सुभाष जी!
एक आम नागरिक


