हल्द्वानी। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ और उससे जुड़े राहुल गांधी के बयान से संबंधित है।
पुलिस के अनुसार, जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया। अमित कुमार ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ से जुड़े बताए जाते हैं और उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य बताया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए अनुष्ठान में शामिल लोगों को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिससे समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।
शिकायत में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में अनुष्ठान और सफाई अभियान आयोजित किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, राहुल गांधी ने इस आयोजन में शामिल लोगों को छुआछूत की मानसिकता रखने वाला और दलित विरोधी बताया।
अमित कुमार का दावा है कि वह स्वयं अनुसूचित जाति समुदाय से हैं और उक्त अनुष्ठान का खड़गे की रैली से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन में अनुसूचित जाति समेत विभिन्न समुदायों और जातियों के लोगों ने हिस्सा लिया था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायत दर्ज कराने के दौरान अमित कुमार के साथ ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ से जुड़े विनोद आर्य भी मौजूद थे। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि आयोजन में दलित समुदाय के लोग भी शामिल थे और इसे किसी जाति विशेष के खिलाफ गतिविधि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
विनोद आर्य ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि सनातन परंपरा के अनुयायी के तौर पर धार्मिक स्थल पर सफाई सुनिश्चित करना उनका अधिकार और कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस गतिविधि में दलित समुदाय के अन्य लोग भी उनके साथ शामिल थे।
‘शुद्धिकरण यज्ञ’ के बाद शुरू हुआ था विवाद
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 11 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे लेकर कार्रवाई की मांग की थी।
बाद में राहुल गांधी ने भी भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
राहुल गांधी ने कहा था कि इस तरह की ‘शुद्धिकरण’ की रस्म अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के प्रति भेदभाव से जुड़ी है और संबंधित कानूनों के तहत इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए न्याय की मांग करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से कार्रवाई की अपील की थी।
फिलहाल, हल्द्वानी में दर्ज इस मामले को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

ये है न्यू इंडिया!
खरगे के सभा स्थल का शुद्धीकरण करने वालों के ख़िलाफ़ FIR की माँग को लेकर राहुल गांधी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहे थे।
उधर सभा स्थल वाले इलाक़े में राहुल गांधी को ख़िलाफ़ FIR दर्ज हो गई, वो भी SC/ST एक्ट में!
-समीरात्मज मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार
अजय प्रकाश-
हल्द्वानी में खरगे के मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी पर ही FIR
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR तक पहुंच गया है। 10 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खरगे की सभा के बाद वहां सफाई और हवन किए जाने का मामला सामने आया था। कांग्रेस ने इसे खरगे के दलित होने से जोड़ते हुए भेदभाव का मामला बताया। आयोजकों ने इससे इनकार करते हुए कहा कि सफाई और हवन स्थल की स्वच्छता के लिए किया गया था।
29 अगस्त को राहुल गांधी ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘शुद्धिकरण’ छुआछूत का एक रूप है और जिन लोगों ने ऐसा किया, उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कार्रवाई की मांग की।
इसके अगले दिन, 30 अगस्त को हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। शिकायतकर्ता अमित कुमार हैं, जो वाल्मीकि समुदाय से हैं और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े बताए गए हैं। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग देकर उन्हें और उनके समुदाय को अपमानित किया। FIR में SC/ST एक्ट के साथ BNS की धाराएं भी लगाई गई हैं।
यानी जिस घटना पर राहुल गांधी ने FIR की मांग की थी, उसी पर टिप्पणी करने के बाद उनके खिलाफ ही FIR दर्ज हो गई।


