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सियासत

सुभाष चंद्रा के कर्ज लूट पर भड़के बैंक, NCLT के आदेश को चुनौती देंगे, पढ़ें स्टेटमेंट!

TV news screenshot showing a man in a white kurta speaking, with bold red and blue breaking-news banners and Hindi text overlays. Bottom ticker reads 'Essel Group...' in white on red.

जी समूह के मुखिया सुभाष चंद्रा की कर्जमाफी उनके गले की हड्डी बन गया है। चंद्रा को राहत के विरोध में HDFC बैंक, केनरा बैंक, युनियन बैंक ऑफ इंडिया और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने शनिवार को कहा कि वे एस्सेल समूह के संस्थापक डॉ चंद्रा से जुड़े कर्ज पुनर्भुगतान मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश को चुनौती देंगे। बता दें कि एनसीएलटी ने बीती 25 अगस्त को चंद्रा की पुनर्भुगतान योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत लगभग 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकार किए गये दावों के बदले लेनदारों को 6.25 करोड़ रुपये और दिवालियापन प्रक्रिया की लागत के तौर पर 25 लाख रुपये चुकाए जाने हैं। यह मामला एस्सेल ग्रुप से जुड़ी कंपनियों द्वारा लिए गये कर्ज के लिए चंद्रा द्वारा दी गई निजी गारंटी से जुड़ा है।


अरविंद कुमार सिंह-

दिवालिया हों तो सुभाष चंद्रा जैसे…

जी हाँ, बीजेपी की मदद से दो बार विजय माल्या राज्य सभा में पहुंचे। बहुत धन दौलत नेताओं को दिया।

कर्ज जितना किया था उसका करीब तीन गुना लौटा दिया। पर वे विदेश में हैं।

सहारा तबाह कैसे हुआ, जानने वाले जानते है। Jp समूह की संपदा पर किसकी नजर लगी सभी को पता है।

धन दौलत अलग बात है। सुभाष चंद्रा को मदद के पीछे उनका ऐतिहासिक योगदान है।

उनकी संस्था ने जिस बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक सोच के लोगों को पैदा और प्रशिक्षित किया, उस योगदान को देखते हुए, उनको औरों से अलग ही देखना चाहिए था। वही हुआ है।


ये तीनों बैंक का मीडिया स्टेटमेंट पढ़िए। इसके साथ सारे बैंक ने ऐसा ही मीडिया स्टेटमेंट जारी किया है की सुभाष चंद्रा लूट मचा रहे हैं। हमारे साथ ग़लत हो रहा है, हमें पैसे चाहिए और हम इसके लिए आगे अपील करेंगे। अब समझ जाइए की चंद्रा कितना बड़ा स्कैम किया है। ये बहुत बड़ा स्कैम है। बैंकों को इस तरह रोने के बाद भी दो कौड़ी के भक्त चंद्रा को डिफेंड कर रहे हैं। दिन दहाड़े ये उद्योगपति लोग डकैती कर रहे हैं। इनकी जगह जेल है।
-रणविजय झा

Media Statement with Union Bank of India (UK) and other logos; describes insolvency case against Dr Subhas Chandra and the rejection and later challenge of the resolution plan by NCLT.
Blue background media statement from HDFC Bank about NCLT ruling on Subhash Chandra's repayment plan, with 'MEDIA STATEMENT' heading.
Canara Bank media statement poster about the NCLT ruling on Dr Subhash Chandra's repayment plan.

नरेंद्र नाथ मिश्रा-

आवाज उठाने से क्या होता है? आवाज उठाने से यह होता है।

सुभाष चंद्रा को लगा वही वक़्त है। मनमाने फ़ैसला अपने हक़ में लेंगे फिर उसपर सवाल उठाने वाले को “सवाल जिहाद “ बता कर बदनाम कर देंगे।

लेकिन वह और दौर था। सवाल उठने के बाद सारे बैंक सुभाष चंद्रा को मिली कर्ज माफ़ी के फ़ैसले को चैलेंज कर रहे हैं!

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