लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक सनसनीखेज हत्याकांड की वारदात सामने आई है। लेकिन इस वारदात में अखबारों और चैनलों ने एक बड़ी गफलत पैदा कर दी है। दरअसल, जिसकी हत्या हुई वो उन्नाव का मूलनिवासी धीरेंद्र प्रताप है, जो महाराणा चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम से एक एनजीओ संचालित करता था। जबकि अखबारों औक कुछ टीवी चैनलों में हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या किए जाने की बात प्रकाशित की गई है।
हिंदू युवा वाहिनी के नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या करने में असफल रहे अखबार और चैनल. धीरेंद्र ने खुद को जिंदा बताया है, लेकिन यह जांच का विषय है कि क्या वह सचमुच जिंदा हैं, या बाइट देकर जिंदा होने की अफवाह फैला रहे हैं!
धीरेंद्र प्रताप सिंह जिंदा हैं इस बात को विश्वसनीय नहीं माना जा सकता, क्योंकि उन्हें अखबार और चैनल ने मारा है, वह इन अखबारों-चैनलों से ज्यादा नहीं जानते हैं, इसलिये बयान देने के बावजूद जांच होनी चाहिये कि धीरेंद्र वास्तव में जिंदा हैं?
आखिर एक मरा आदमी बयान कैसे दे सकता है? जरूर हिंदूवादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह साजिशन जिंदा होने का स्वांग कर रहा है! मैं पक्के यकीन के साथ कह सकता हूं कि जिसे अखबार और चैनलों ने मार दिया, वो जिंदा हो ही नहीं सकता!
हद है, इनकी लाश मिल गई है, और ये मानने को तैयार नहीं हैं कि मर गये हैं!
-अनिल कुमार, वरिष्ठ पत्रकार


नवभारत टाइम्स का एफबी पोस्ट-
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में रविवार को धीरेन्द्र प्रताप नाम शख्स की अपहरण के बाद गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया था। इस मामले में जहां पुलिस ने जांच शुरू की तो वहीं दूसरी ओर मृतक को सोशल मीडिया पर हिंदू युवा वाहिनी का नेता बताया जा रहा था। उत्तर प्रदेश से लेकर देशभर में तेजी से चर्चा का विषय बने इस मामले में अचंभा तब हुआ, जब शाम होते-होते हिंदू युवा वाहिनी के लखनऊ मंडल प्रभारी धीरेंद्र प्रताप सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इस वीडियो में हिंदू युवा वाहिनी के लखनऊ मंडल प्रभारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने ये बयान दिया कि मैं अभी जिंदा हूं… टीवी पर अपनी मौत की खबर देख रहा हूं।


