Connect with us

Hi, what are you looking for?

सियासत

टाटा ट्रस्ट और शापुरजी पालोनजी के कारपोरेट वॉर में लगता है कोई ‘तीसरी शक्ति’ अपना गेम खेल रही है!

सुरेश चिपलुनकर-

टाटा ट्रस्ट और शापूरजी पालोनजी के बीच जैसी खींचतान और कारपोरेट वॉर पिछले 6 साल से चल रहा है.. और टाटा ट्रस्ट को किनारे करने की जैसी साज़िशें चल रही हैं.. उसे देखते हुए ऐसा लगता है कि कोई “अज्ञात तीसरी शक्ति” इसमें अपना गेम खेल रही है..

अगर अगले 2 वर्षों में अंतिम तौर पर टाटा समूह में “बाहरी घुसपैठ” हो गई, तो तय जानिये कि यह बहुत विनाशकारी होगा.. सिर्फ 3 से 4% की कमाई करके सैकड़ों सामाजिक, शैक्षणिक, पर्यावरण संबंधी प्रकल्प चलाने वाले टाटा ट्रस्ट को बाय बाय कर दिए जाने की पूरी आशंका है..

वर्तमान में “टाटा ट्रस्ट”, अंधाधुंध पैसा और मुनाफा कमाने की मशीन नहीं है,, लेकिन जब टाटा संस लिस्टेड होगी, और “बाहरी तत्व” सरकार की मदद से इसमें घुसेंगे, तब आगे नहीं कहा जा सकता क्या होगा.. परन्तु इतना तो तय है कि जमशेदजी, दोराबजी और रतन टाटा ने इतने वर्षों तक जिस सिस्टम से इसे बचाए रखा है वह अब खतरे में है.. क्योंकि अब हर चीज मुनाफ़े, कमाई से जोड़ी जाने लगी है..

खैर.. अपन को क्या,, चुपचाप देखते रहना है बस..

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन