गाजियाबाद। लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के विभिन्न दावों की पड़ताल कर रहे पत्रकार Akram Raees Khan ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक साल पुराने गैंगरेप के मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। मामले को लेकर Akram Raees Khan ने साथी पत्रकारों के साथ गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी दी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अकरम रईस खान के मुताबिक, पिछले कुछ समय से उन्होंने भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के अलग-अलग इंटरव्यू में किए गए दावों की पड़ताल शुरू की थी। उनका दावा है कि इस पड़ताल के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर विधायक के कई दावों पर सवाल खड़े हुए। इसी क्रम में 14 सितंबर 2026 को उनके द्वारा एक रिपोर्ट भी प्रकाशित की गई थी।
पत्रकार का आरोप है कि रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद उनके खिलाफ सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुपों में एक पुराने गैंगरेप मामले से जोड़ते हुए वीडियो और शिकायत प्रसारित की जाने लगी। इन वीडियो में एक महिला के बयान के आधार पर Akram Raees Khan को मामले में पहचानने का दावा किया गया है। Akram इस दावे को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बता रहे हैं।
उनका कहना है कि जिस मामले में उन्हें जोड़ने की कोशिश की जा रही है, वह नवंबर 2025 में लोनी के अंकुर विहार थाने में दर्ज हुआ था। उनके मुताबिक केस संख्या 427/25 में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से करण सिंह नामक एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य आरोपियों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। Akram का आरोप है कि अब उन्हें इसी मामले से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
Akram Raees Khan ने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए भी इन आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक वह दृष्टिबाधित हैं, अकेले यात्रा नहीं कर सकते और अपने अधिकांश काम कंप्यूटर के स्क्रीन-रीडर की मदद से करते हैं। उनका कहना है कि इस वजह से उनके लिए उस तरह की फील्ड गतिविधियों में शामिल होना संभव नहीं है, जैसा आरोपों से संकेत मिलता है।
पत्रकार का यह भी आरोप है कि उनके द्वारा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के दावों की पड़ताल किए जाने के बाद उनके खिलाफ यह मामला सक्रिय किया गया। उन्होंने कुछ लोगों के नाम भी सामने रखे हैं और दावा किया है कि ये लोग विधायक से जुड़े विवादों में शिकायतकर्ता या गवाह के तौर पर सामने आते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दूसरी ओर, गैंगरेप मामले में महिला की ओर से सामने आए वीडियो बयान और शिकायत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि पुलिस की जांच में Akram Raees Khan की इस मामले में कोई भूमिका सामने आती है या नहीं।
पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के दौरान पत्रकारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और यह स्पष्ट किए जाने की मांग की कि पुराने मामले में Akram Raees Khan का नाम किस आधार पर जोड़ा जा रहा है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से Akram Raees Khan के खिलाफ किसी आरोप की पुष्टि या उन्हें आरोपी बनाए जाने संबंधी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में पुराने गैंगरेप मामले और पत्रकार पर लगाए जा रहे आरोपों को जांच पूरी होने तक आरोप के तौर पर ही देखा जाना उचित होगा।
2025 में दर्ज कराई गई एफआईआर कॉपी देखें…





पत्रकार अकरम रईस खान की तरफ से पुलिस को दिया गया पक्ष भी देखें…





