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कस्बाई पत्रकार ने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी न देने पर अपने अखबार मालिक को भेजा लीगल नोटिस

ऐसे दौर में जब बड़े बड़े पत्रकार पापी पेट की खातिर चुप्पी साधकर नौकरी कर रहे हैं और मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी न दिए जाने के मैनेजमेंट की मनमानी से आंखे फेरे बैठे हैं, मेरठ के एक कस्बे के पत्रकार ने हिंदुस्तान अखबार के मालिकों और मैनेजरों को लीगल नोटिस भेज दिया है. इस कस्बाई पत्रकार ने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी देने की मांग की है. हिन्दुस्तान अखबरा मवाना (मेरठ) के प्रभारी संदीप नागर ने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी नहीं दिए जाने पर अखबार को लीगल नोटिस दे दिया है. लगभग दो माह पूर्व दिये गये नोटिस का हिन्दुस्तान के प्रबन्ध तंत्र ने अभी तक जवाब नहीं दिया है.

ऐसे दौर में जब बड़े बड़े पत्रकार पापी पेट की खातिर चुप्पी साधकर नौकरी कर रहे हैं और मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी न दिए जाने के मैनेजमेंट की मनमानी से आंखे फेरे बैठे हैं, मेरठ के एक कस्बे के पत्रकार ने हिंदुस्तान अखबार के मालिकों और मैनेजरों को लीगल नोटिस भेज दिया है. इस कस्बाई पत्रकार ने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी देने की मांग की है. हिन्दुस्तान अखबरा मवाना (मेरठ) के प्रभारी संदीप नागर ने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी नहीं दिए जाने पर अखबार को लीगल नोटिस दे दिया है. लगभग दो माह पूर्व दिये गये नोटिस का हिन्दुस्तान के प्रबन्ध तंत्र ने अभी तक जवाब नहीं दिया है.

हिन्दुस्तान मवाना के प्रभारी संदीप नागर ने बताया कि प्रबन्ध तंत्र से उन्होंने कई बार पत्र लिखकर मजीठिया वेज बोर्ड लागू कर उसके अनुसार वेतन देने का अनुरोध किया था. लेकिन हिन्दुस्तान प्रबन्ध तंत्र ने उन्हें अखबार से हटाने की धमकी दी तो अखबार की धमकी को स्वीकार करते हुए अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भिजवाया. इसमें मजीठिया वेज बोर्ड लागू करते हुए मजीठिया के अनुसार वेतन देने की मांग की. लगभग दो माह पूर्व दिये गये नोटिस का हिन्दुस्तान प्रबन्ध तंत्र अभी तक कोई जवाब नहीं दे सका है. संदीप नागर का कहना है कि हिन्दुस्तान प्रबन्ध तंत्र उन पर फैसला करने का दबाव बना रहा है.

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