न्यूज24, न्यूज नेशन और इंडिया न्यूज चैनलों पर मुकदमा, देखें नोटिस की कॉपी

गुरुग्राम की बाल उत्थान समिति की तरफ से तीन न्यूज चैनलों को नोटिस भेजा गया है. इसमें बताया गया है कि न्यूज24, न्यूज नेशन और इंडिया न्यूज चैनलों ने झूठी और मानहानि कारक खबर दिखाई. इसके कारण इन चैनलों के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया है. चैनलों से नोटिस का संज्ञान लेते हुए तत्काल जवाब देने …

अखंड गहमरी ने अमर उजाला के स्थानीय संवाददाता से दुखी होकर प्रधान संपादक को भेजा लीगल नोटिस

हमारे गहमर में एक समाचार पत्र है अमर उजाला जिसके स्‍थानीय संवाददाता को कार्यक्रम में बुलाने के लिए जो मानक है वह मानक मैं पूरा नहीं कर पाता। इस लिए वह न तो हमारे कार्यक्रम की अग्रिम सूचना छापते हैं और न तो दो दिनो तक कार्यक्रम के समाचार। तीसरे दिन न जाने उनको क्‍या मिल जाता है जो आनन फानन में मुझसे बात कर न करके अन्‍य लोगो से व्‍यक्ति विशेष के बारे में सूचना मॉंगते है और मनगढ़त खबर बना कर प्रकाशित कर देते है।

एपीएन और समाचार प्लस समेत 13 चैनलों को टाटा स्काई ने भेजा नोटिस, तीन हफ्ते का अल्टीमेटम

टाटा स्काई वालों ने इंडियन एक्सप्रेस में 13 चैनलों की एक लिस्ट छपवाई है. इन चैनलों पर आरोप लगाया है कि इन्होंने ब्रीच आफ कांट्रैक्ट किया है यानि आपसी समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है.

गिरती टीआरपी से परेशान ‘इंडिया टीवी’ प्रबंधन ने 5 डे वीक खत्म किया, चैनल एलर्ट मोड में

इंडिया टीवी चैनल की टीआरपी लगातार गिर रही है. चैनल दो नंबर से चार नंबर तक लुढ़क गया. इससे प्रबंधन परेशान है. चैनल की टीआरपी गिरने की गाज इसके कर्मियों पर गिराई गई है और सबको एक आदेश जारी कर कह दिया गया है कि अब फाइव डे वीक खत्म. हफ्ते में छह दिन काम होगा, सिर्फ एक दिन छुट्टी मिलेगी. देखें चैनल की तरफ से क्या आदेश जारी किया गया है….

लड़की के साथ फोटो छापने पर नवाजुद्दीन सिद्दकी ने फिल्मफेयर मैग्जीन पर मुकदमा कर दिया

चर्चित युवा एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्मफेयर मैग्जीन पर मुकदमा करने की तैयारी कर ली है. इसके तहत सबसे पहले मैग्जीन को लीगल नोटिस भेज दिया गया है. फिल्मफेयर मैग्जीन के इसी महीने के शुरुआती हफ्ते वाले अंक में प्रकाशित एक आर्टकिल में नवाज की एक लड़की के साथ दिखाया गया और लिखा गया है कि वे इस लड़की के साथ डेट कर रहे हैं.

‘गोरख धंधा’ शब्द का इस्तेमाल करने पर एबीपी न्यूज को भेजा नोटिस

सेवा में,
श्री मान मुख्य सम्पादक महोदय जी,
ABP न्यूज़ चैनल

विषय :- ‘गोरख धंधा’ शब्द का इस्तेमाल ना करने और इस संबंध में स्पष्टीकरण प्रसारित करने के बारे में.

श्री मान जी,

उपरोक्त विषय में आपको सूचित किया जाता है कि आपके चैनल द्वारा पंजाब के मनसा की खबर “पेट्रोल पम्प पर गोरख धंधा” (समाचार क्लिप संलग्न है) दिखाई गई जिसमें कई बार आपके चैनल के रिपोर्टर / वायस ओवर करने वाले ने गोरखधंधा शब्द का प्रयोग किया है और इसके साथ-साथ मनसा पुलिस के प्रवर पुलिस अधीक्षक ने भी ‘गोरख धन्धा’ शब्द का प्रयोग किया है.

सुरेश चह्वाणके ने भड़ास को भेजा लीगल नोटिस

सुदर्शन न्यूज चैनल जो मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलने के लिए कुख्यात है, भड़ास को भेजे लीगल नोटिस में लिखता है कि भड़ास पर उनके चेयरमैन सुरेश चह्वाणके के सेक्स स्कैंडल के बारे में जो खबर छापी गई है, दरअसल वह और कुछ नहीं बल्कि जहर समान है. चार पन्नों के लीगल नोटिस में सुदर्शन चैनल और इसके मालिक सुरेश चव्हाणके के वकील ने भड़ास पर छपी सुदर्शन सेक्स स्कैंडल की खबरों का हवाला देते हुए इसे बिलकुल गलत, बकवास, बेबुनियाद और चरित्र हनन करने वाला बताया है. इस नोटिस में भड़ास के बारे में कहा गया है कि इस पोर्टल का न तो कोई आफिस है और न ही कोई संपर्क नंबर, इसलिए मेल पर नोटिस भेजा जा रहा है.

एचएमवीएल के एचआर हेड को उप श्रमायुक्त गोरखपुर ने जारी किया नोटिस

हिन्दुस्तान अखबार को चलाने वाली कंपनी हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड (एचएमवीएल) के एचआर हेड को उप श्रमायुक्त गोरखपुर ने नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिये कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाया गया है ताकि कंपनी अपना पक्ष रख सके। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 7 फरवरी 2015 तक सभी अखबार चार किश्तों में मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से एरियर का पूर्ण भुगतान कर दें। नवम्बर की 11 तारीख और वर्ष 2011 से 10 जनवरी 2013 तक के मेरे एरियर का भुगतान कंपनी को 18 प्रतिशत कंपाउंड ब्याज के साथ मुझे बिना मांगे देना चाहिये था। मैंने बड़ी विनम्रता से माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई समयावधि का इंतजार किया। जब एक पाई कंपनी ने नहीं भेजा तब कंपनी के एचआर हेड और समूह संपादक को पत्र भेजकर अपना एरियर मांगा। इस बेशर्म कंपनी ने जवाब तक नहीं दिया।

मजीठिया मामला : मुम्बई के 22 अखबार मालिकों को एफिडेविड देने का निर्देश

पत्रकारों के वेतन, एरियर और प्रमोशन से जुड़े मजीठिया वेज बोर्ड मामले में आज मुम्बई शहर के श्रम उपायुक्त ने एक बड़ा निर्देश जारी कर 22 अखबार मालिकों को नोटिस भेज कर उन्हें 19 अक्टूबर तक एफिडेविड देने को कहा है। ये एफिडेविड 300 रुपये के स्टाम्प पेपर पर देना होगा और इस एफिडेविड में अखबार मालिकों को साफ़ तौर पर ये लिख कर देना पड़ेगा कि उन्होंने अपने सभी कर्मचारियों को मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार बकाया दे दिया है। साथ ही ये भी कि मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार ही वे कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं। अब अगर अखबार मालिकों ने झूठा एफिडेविड दिया और अगर ये झूठ सिद्ध हो गया तो उनके खिलाफ फर्जी एफिडेविड देने का नया मामला दर्ज होगा।

प्रसार भारती के चेयरमैन सूर्य प्रकाश ने सीईओ जवाहर सरकार को नोटिस भेजा

प्रसार भारती के चेयरमैन ए. सूर्यप्रकाश ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर सरकार को शो कॉज नोटिस जारी किया है. वजह है सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति की एक बैठक में वरिष्ठ अधिकारी की जगह कनिष्ठ अधिकारी को भेजना. प्रसार भारती के चेयरमैन द्वारा सीईओ को नोटिस दिए जाने के औचित्य पर सवाल उठ रहे हैं कि वे नोटिस दे सकते हैं या नहीं. सीईओ का पद संवैधानिक होता है.

Delhi HC issues notice to top editorial staff of UNI

New Delhi : Taking strong cognizance of the torture and humiliation of a dalit employee of United News of India (UNI), a prestigious news agency of the country, the Delhi High court yesterday issued notice to two high profile scribes of UNI including Joint Editor Neeraj Bajpayee, Journalist Ashok Upadhyay and an another employee of the agency Mohan Lal Joshi.

पत्रिका ने अपने कर्मी को बर्खास्त किया तो कर्मी ने नोटिस भिजवाया और लेबर आफिस में शिकायत दर्ज कराई

राजस्थान पत्रिका समूह के अखबार पत्रिका के ग्वालियर संस्करण के सरकुलेशन डिपार्टमेंट में कार्यरत शैलेंद्र सिंह को प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना के संस्थान से टर्मिनेट कर दिया. इससे दुखी महेंद्र ने प्रबंधन को वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भिजवाया है और लेबर आफिस में शिकायत दर्ज कराई है. इस प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेज नीचे दिए जा रहे हैं…

दैनिक जागरण चंदौली में गलत खबर छपने पर संपादक को नोटिस जारी

वर्ष 2012 के अक्टूबर व नवम्बर माह में दैनिक जागरण के चंदौली संस्करण में मुगलसराय से प्रकाशित हुये दो भ्रामक समाचारों की शिकायत को संज्ञान में लेने के बाद भारतीय प्रेस परिषद ने वादी व जागरण के वाराणसी के सम्पादक को सुनवाई के लिये नोटिस जारी किया है। सुनवाई वर्ष 2016 के 5 जनवरी को सुनिश्चित है। विदित हो कि वर्ष 2012 के अक्टूबर माह के 19 तारीख को जागरण के पृष्ठ संख्या 02 पर ”बिजली कटौती के विरोध में क्रमिक अनशन” नामक शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था जो पूरी तरह गलत था। वादी राजीव कुमार ने स्पष्ट किया था कि दिनांक 17 अक्टूबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल किया जायेगा और किया भी गया था। इसका समाचार लगभग सभी समाचार पत्रों ने प्रमुखता से 18 अक्टूबर के अंक में प्रकाशित किया था, जागरण को छोड़कर। उसी समाचार को दैनिक जागरण ने 19 अक्टूबर को क्रमिक अनशन के रूप में दिखाया।

सहारा के जिस डिवीजन के लोग हड़ताल करेंगे, सहाराश्री उस डिवीजन को ही बंद कर देंगे… देखें नोटिस

सहारा अपने कर्मचारियों को लगभग डेढ़ साल से नियमित वेतन नहीं दे रहा है। एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, सिर्फ आधा वेतन दिया जा रहा है। वेतन न मिलने से लाखों कर्मचारी प्रभावित हैं। वेतन न मिलने की वजह से कई तो खुदा को प्यारे हो गए। पंद्रह सितंबर 2015 को सहारा के सभी कार्यालयों में सहारा सुप्रीमो का यह पत्र नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। पत्र में वेतन न देने की बात करते हुए हड़ताल न करने की हिदायत दी गई है साथ ही चेतावनी या धमकी जो कह लीजिए, दी गई है कि उस विभाग को ही बंद कर दिया जाएगा जहां के कर्मचारी वेतन की मांग करेंगे। मसलन पैराबैंकिंग में हड़ताल होती है तो वह ही बंद कर दिया जाएगा।

टीवी पत्रकार ने जागरण और हिंदुस्तान को थमाया तीन करोड़ की मानहानि का नोटिस

 आगरा के मून टीवी चैनल के पत्रकार शशिकांत गुप्ता ने एक खबर से अपनी मानहानि होने पर दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान को तीन करोड़ रुपए अदा करने का नोटिस दिया है। शशिकांत गुप्ता के खिलाफ बीते अप्रैल माह में जागरण और हिन्दुस्तान ने एक खबर प्रकाशित की थी। एक खबर, जो 24 अप्रैल को छपी थी, उसमें एक शराबी युवक द्वारा बिजली घर पर तोड़फोड़ का उल्लेख किया गया था। अगले दिन 25 अप्रैल को फिर खबर छपी कि बिजली घर पर तोड़फोड़ करने वाला युवक शशिकांत गुप्ता है, जिसके विरुद्ध थाने में मुकदमा लिखाया गया है।

मजीठिया : गोरखपुर में 10 अखबारों को श्रम विभाग का नोटिस, पांच बिंदुओं पर जवाब तलब

गोरखपुर : मजीठिया वेज की संस्तुतियों को लागू कराने के सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अमल में लाने के लिए गोरखपुर जर्नलिस्टस प्रेस क्लब द्वारा बनाए गए दबाव के बाद गोरखपुर का श्रम विभाग हरकत में आ गया है। यहां से प्रकाशित होने वाले दस अखबारों के प्रबंधन से मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियां लागू करने के सबंध में पांच बिंदुओं पर नोटिस से जवाब तलब किया गया है। इस नोटिस के बाद अखबार प्रबंधकों के होश उड गए हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत एचआर के गले आ पड़ी है। उन्हें सूझ नहीं रहा है कि क्या जवाब दें। लिहाजा नोटिस की अवधि लगभग समाप्त होने को है। मात्र तीन अखबारों ने आधा-अधूरा जवाब भेजा है। श्रम विभाग का कहना है कि यदि तय अवधि में जवाब नहीं आते हैं तो अगली कार्रवाई की जाएगी। इसमें औचक छापे पड़ेंगे और जानकारी ली जाएगी। इस दौरान कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड पर केंद्र और यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली : शाहजहांपुर के जुझारू पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। इससे हत्याकांड के आरोपी मंत्री और पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता भी आसान होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। कोर्ट ने हत्याकांड के संबंध में यूपी सरकार, केंद्र सरकार और प्रैस काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस भेजकर दो सप्ताह के भीतर जवाब तलब कर लिया है। 

दैनिक जागरण प्रबंधन के होश उड़े, कर्मचारियों का अल्टीमेटम, मांगें पूरी करो वरना सीधे टकराएंगे

इलाहाबाद हाईकोर्ट में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यूनियन पर स्टे लेने वाले दैनिक जागरण प्रबंधन की खुशियां बहुत दिन टिक नहीं पाईं इसके पहले कि वह कर्मचारियों के शोषण व उत्‍पीड़न के अपने इरादों को अंजाम देने की दिशा में कोई कार्रवाई कर पाता, जागरण के कर्मचारियों ने श्रम कानूनों में ही निश्चित प्रावधानों के तहत अपनी एक सभा कर अपने बीच से ही सात प्रतिनिधियों का चुनाव कर प्रबंधन को पटखनी दे दी। इन सात प्रतिनिधियों के मार्फत एक सूत्रीय मांग पत्र तैयार कर जागरण प्रबंधन को थमा दिया गया है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो पिछली सात फरवरी की तरह वह हड़ताल पर चले जाएंगे।

दैनिक जागरण प्रबंधन को दिए गए मांगपत्र की छाया प्रति (पृष्ठ-1)

ACB विवाद : केजरीवाल को झटका, सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली सरकार को नोटिस

नई दिल्ली: कोर्ट ने नौकरशाहों के खिलाफ एसीबी को कार्रवाई करने की अनुमति देने वाले उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र की अपील पर भी दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधी पैनल की शक्ति सीमित करने संबंधी अधिसूचना को संदिग्ध ठहराने वाले उच्च न्यायालय के आदेश स्थगित करने की मांग करने वाली केंद्र की याचिका पर दिल्ली सरकार से तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह 25 मई के अपने फैसले की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना दिल्ली सरकार की ताजा याचिका पर स्वतंत्र तरीके से कार्यवाही करे।

साहित्यिक चोरी के आरोप में ‘पीके’ के निर्माताओं को नोटिस

नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक उपन्यासकार द्वारा साहित्यिक चोरी का आरोप लगाने के बाद आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘पीके’ के निर्माता, निर्देशक को नोटिस जारी किया है. उपन्यासकार ने फिल्मकारों पर 2013 में प्रकाशित अपनी हिन्दी किताब ‘फरिश्ता’ के कुछ हिस्सों की साहित्यिक चोरी करने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है.

जी के चैनल ‘जिंदगी’ और फिल्म गब्बर के डायरेक्टर को नोटिस

धारावाहिक ‘वक्‍़त ने किया क्‍या हसीं सितम’ और फिल्म ‘गब्बर’ विवादों के घेरे में आ गए हैं। धारावाहिक ‘वक्‍़त ने किया क्‍या हसीं सितम’ पर बीसीसीसी के अध्‍यक्ष मुकुल मुद्गल ने जी के ‘ज़िंदगी’ चैनल को एक सम्‍मन भेजकर इसके कंटेंट पर जवाब-तलब किया है। दर्शकों ने इस धारावाहिक पर ऐतराज़ जताया है। उधर, इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने फिल्म गब्बर के डायरेक्टर को लीगल नोटिस भेजकर आपत्ति जताई है कि इसमें मेडिकल प्रफेशन को अपमानजनक और गलत रूप में दिखाया गया है।   

कस्बाई पत्रकार ने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी न देने पर अपने अखबार मालिक को भेजा लीगल नोटिस

ऐसे दौर में जब बड़े बड़े पत्रकार पापी पेट की खातिर चुप्पी साधकर नौकरी कर रहे हैं और मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी न दिए जाने के मैनेजमेंट की मनमानी से आंखे फेरे बैठे हैं, मेरठ के एक कस्बे के पत्रकार ने हिंदुस्तान अखबार के मालिकों और मैनेजरों को लीगल नोटिस भेज दिया है. इस कस्बाई पत्रकार ने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी देने की मांग की है. हिन्दुस्तान अखबरा मवाना (मेरठ) के प्रभारी संदीप नागर ने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी नहीं दिए जाने पर अखबार को लीगल नोटिस दे दिया है. लगभग दो माह पूर्व दिये गये नोटिस का हिन्दुस्तान के प्रबन्ध तंत्र ने अभी तक जवाब नहीं दिया है.

रूबी प्रकरण : आईएएस एकेडमी के डिप्टी डाइरेक्टर का अखबारों को नोटिस, एक करोड़ हर्जाना मांगा

देहरादून : रूबी चौधरी प्रकरण में अपनी छीछालेदर से बौखलाए आईएएस एकेडमी के डिप्टी डाइरेक्टर सौरभ जैन ने देहरादून के अखबारों को मानहानि का नोटिस देकर एक करोड़ रुपए हर्जाना मांगा है। उधर, मसूरी की लालबहादुर शास्त्री एकेडमी में फर्जी ट्रेनी आईएएस बनकर रही रूबी चौधरी को लेकर देहरादून पुलिस मंगलवार को मेरठ पहुंची और गंगानगर में उसके रिश्तेदारों से पांच घंटे पूछताछ की। यह भी पता चला है कि एकेडमी प्रशासन ने फ़ोन टेप होने की आशंका में सभी कर्मचारियों के फ़ोन नंबर तलब कर लिए हैं। बाहर के लोगों से कर्मचारियों संपर्क नहीं होने दिए जा रहे हैं।

लखनऊ में शॉपिंग मॉल्स और शोरूम की तलाशी, सीसीटीवी कैमरों पर सतर्कता, 45 प्रतिष्ठानों को नोटिस

लखनऊ : सरकार ने राजधानी के 45 प्रतिष्ठानों को अपने कैमरों की जगह बदलने के लिए नोटिस भेजा गया है। इस बीच शहर के सभी प्रमुख शॉपिंग मॉल्स और शोरूम की तलाशी के दौरान गत दिवस कहीं कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। शहर में फन मॉल, सहारागंज तथा फीनिक्स मॉल को 10-10, वेब मॉल को …

देवरिया के बीएसए ने दिया अखबार को नोटिस, पत्रकारों में रोष

देवरिया : सम्भवतः गोरखपुर में वित्तीय अनियमितता में निलम्बित हो चुके तथा कई आरोपों से घिरे जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एक समाचार के प्रकाशन से क्षुब्ध होकर समाचार पत्र को कानूनी नोटिस दिया है। इससे नाराज पत्रकारों ने बीएसए के कार्यों की जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री एवं प्रदेश के मुख्य सचिव से की है।

Notice to Govts on Norms for Scribes

CHENNAI: The Madras High Court on Monday directed issuing of notices to Central and State governments following a PIL seeking guidelines for appointing scribes to assist visually-impaired students for board exams. The petitioner, C Govindakrishnan, a social activist, submitted that the Ministry of Social Justice and Empowerment Department of Disability Affairs released an Official Memorandum dated February 26, 2013 listing the guidelines for conducting written examinations for persons with disabilities.

मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : अमर उजाला को जवाब दायर करने का अब आखिरी मौका, भारत सरकार भी पार्टी

अमर उजाला हिमाचल से खबर है कि यहां से मजीठिया वेज बोर्ड के लिए लड़ाई लड़ रहे प्रदेश के एकमात्र पत्रकार को सब्र का फल मिलता दिख रहा है। अमर उजाला के पत्रकार रविंद्र अग्रवाल की अगस्त 2014 की याचिका पर सात माह से जवाब के लिए समय मांग रहे अमर उजाला प्रबंधन को इस बार 25 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आखिरी बार दस दिन में जवाब देने का समय दिया है। अबकी बार कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि अगर इस बार जवाब न मिला तो अमर उजाला प्रबंधन जवाब दायर करने का हक खो देगा और कोर्ट एकतरफा कार्रवाई करेगा।

दैनिक भास्कर होशंगाबाद के 25 कर्मचारी मजीठिया के लिए गए हाईकोर्ट, नोटिस जारी

दैनिक भास्कर से सबसे ज्यादा मीडियाकर्मी मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी एरियर पाने के लिए कोर्ट की शरण में गए हैं. ये संख्या हजारों में हो सकती है. ताजी सूचना होशंगाबाद यूनिट से है. यहां के करीब 25 मीडियाकर्मियों ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है. जब इसकी खबर भास्कर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को मिली तो इन्होंने हाईकोर्ट जाने वालों कर्मियों को एक एक कर अलग अलग केबिन में बुलाया और धमकाना शुरू कर दिया. इन्हें नौकरी से निकाल दिए जाने की धमकी भी दी गई है. कर्मचारियों से कहा गया कि उन्हें सात दिन गैर-हाजिर दिखाकर नौकरी से टर्मिनेट कर दिया जाएगा.

लाला लाजपत राय को भाजपाई पटका पहनाने के मामले में कोर्ट ने किरण बेदी के खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा मांगा

किरण बेदी अपनी मूर्खताओं, झूठ, बड़बोलापन और अवसरवाद के कारण बुरी तरह घिरती फंसती जा रही है. पिछले दिनों नामांकन से पहले किरण बेदी ने स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की प्रतिमा को भगवा-भाजपाई पटका पहना दिया. इस घटनाक्रम की तस्वीरों के साथ एक कारोबारी सुरेश खंडेलवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के जाने-माने वकील हिमाल अख्तर के माध्यम से किरण बेदी को कानूनी नोटिस भिजवाया फिर कोर्ट में मुकदमा कर दिया. इनका कहना है कि लाला लाजपत राय किसी पार्टी के प्रापर्टी नहीं बल्कि पूरे देश के नेता रहे हैं. ऐसे में किसी एक पार्टी का बैनर उनके गले में टांग देना उनका अपमान है.

‘फरिश्‍ता’ के लेखक ने फिल्‍म ‘पीके’ पर किया साहित्‍य चोरी का मुकदमा

‘‘मैंने 1 जनवरी, 2015 को पीके फिल्‍म देखी तो मैं हैरान हो गया। पीके फिल्‍म मेरे उपन्‍यास फरिश्‍ता की कट /कॉपी /पेस्‍ट है।’’ –कपिल ईसापुरी

अपने इन शब्‍दों में लेखक कपिल ईसापुरी काफी मर्माहत दिखते हैं। प्रेस कॉन्‍फेरेंस कर अपना दर्द बयान करते हैं। लेकिन मीडिया में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है- लिखता कोई है, दिखता कोई और है, बिकता कोई और है। इस कहावत का व्‍यावहारिक रूप प्रसिद्ध लेखक निर्देशक बी आर इसारा विविध भारती को दिए एक साक्षात्‍कार में इस प्रकार समझाते हैं- ‘‘कम चर्चित साहित्‍यकारों के साहित्‍य की चोरी फिल्‍मी दुनिया में खूब होती है। जब मैं फिल्‍मी दुनिया में आया था। मुझसे कम चर्चित उर्दू साहित्‍यकारों का साहित्‍य पढ़वाया जाता और उसको तोड-मरोड़ कर इस्‍तेमाल कर कर लिया जाता।’’