‘विस्तार न्यूज़’ अभी ज़मीन पर पूरी तरह से उतरा नहीं है, लेकिन इसके एक पत्रकार की चर्चा सोशल मीडिया पर काफ़ी है. पिछले 24 घंटे में भारत सूरज नाम के इस पत्रकार को हर कोई जानना चाहता है. दरअसल, नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने और उनके मंत्रिमंडल के शपथग्रहण को सभी मीडिया चैनलों ने प्रमुखता से दिखाया. लेकिन, इसमें पत्रकार भारत सूरज की रिपोर्ट ने महफ़िल लूट लिया. चूँकि विस्तार न्यूज़ अभी सिर्फ़ सोशल मीडिया और वेबसाइट पर एक्टिव है. लिहाज़ा, युवा पत्रकार भारत सूरज की रिपोर्ट विस्तार न्यूज़ के ट्विटर हैंडल से जारी की गई. देखते ही देखते 12 घंटे के भीतर क़रीब 4 लाख के क़रीब लोगों ने इसे देखा और सराहा.
इस ट्विट को कुछ राजनीतिक दलों ने सुविधानुसार फैलाया भी. वहीं, देश के कुछ सम्मानित बुद्धिजीवियों ने भी इसकी काफ़ी प्रशंसा की. अब सवाल उठता है कि भारत के रिपोर्ट में ख़ास क्या है. दरअसल, विस्तार के ट्विटर हैंडल से जारी न्यूज़ में सिर्फ़ उन्हीं मापदंडों का ख़्याल रखा गया है, जिसे पत्रकारिता का बेसिक माना जाता है. कटेंट, भाषा शैली, एंगल, तेवर किसी भी स्टोरी की मूलभूत आत्मा होती है और इसकी झलक स्टोरी में है. लिहाज़ा, एक लंबे अंतराल के बाद लोगों ने रिपोर्ट के इस गुण को देखकर सराहनाओं की झड़ी लगा दी. आप समझ सकते हैं कि आज के दौर में भारत की मेन-स्ट्रीम मीडिया का क्या हश्र है जहां एक कसौटी पर कसी रिपोर्ट अगर सामने आती है तो वह वायरल हो जाती है. ज़ाहिर है मीडिया में निर्भिक और सही रिपोर्टिंग का गैप बन गया है. जबकि, एक दौर में ऐसी रिपोर्टों के लिए न्यूज़ चैनलों में एक हेल्थी कॉम्पटीशन रहता था. पत्रकार अपनी स्टोरी को एक्सक्लूसिव बनाने की जीतोड़ कोशिश में लगा रहता था. राजनीतिक गलियारों में भी ख़ास पत्रकार पर ख़ास नज़र होती थी. लेकिन, इस युवा पत्रकार के रिपोर्ट के बाद लगता है कि चिंगारी अभी मीडिया इंडस्ट्रीज़ में बाक़ी है.
विसातर न्यूज़ की इस रिपोर्ट को इस लिंक से देख सकते हैं – https://x.com/VistaarNews/status/1751576350933098900?s=20
https://x.com/VistaarNews/status/1751576350933098900?s=20
इस क्रम में भड़ास फ़ॉर मीडिया ने विस्तार न्यूज़ के प्रमुख संपादक ज्ञानेंद्र तिवारी और डिजिटल संपादक अमृत तिवारी से बात की. जनसत्ता, टीवी 9 और इंडिया न्यूज़ में अहम पदों पर काम कर चुके अमृत तिवारी ने बताया कि उनकी टीम में अधिकांश साथी युवा हैं और पक्ष-विपक्ष से हटकर सिर्फ़ ऑथेंटिक कंटेंट देने की कोशिश है. फ़र्ज़ी के बाज़ार में सच की एक ख़बर सबको धराशाई कर देगी. विस्तार न्यूज़ डिजिटल एक बिल्डिंग से नहीं बल्कि फिल्ड से चलेगा और उनके चैनले के एडिटर-इन-चीफ ब्रिजेश राजपूत और प्रमुख संपादक ज्ञानेंद्र तिवारी इसी सोच को इंडॉर्स करते हैं. हाल के वर्षों में ज्ञानेंद्र तिवारी की मक़बूलियत काफ़ी बढ़ी है और विस्तार के बढ़ते रफ़्तार में उनकी लोकप्रियता का विशेष हाथ है.
प्रमुख संपादक ज्ञानेंद्र तिवारी अपनी टीम की ऊर्जा और जोश को लेकर काफ़ी आश्वस्थ हैं. ब्रिजेश राजपूत जैसे सीनियर और अनुभवी पत्रकार चैनल के एडिटर-इन-चीफ हैं. लिहाज़ा, ऐसे मार्गदर्शन में काम का उम्दा होना तय है. ज्ञानेंद्र कहते हैं, “मैं ख़ुद एक रिपोर्टर रहा हूं और आज भी संपादक से ज़्यादा ख़ुद को एक रिपोर्टर मानता हूं. लिहाज़ा, टीम के साथ काम करने और उनके साथ कोऑर्डिनेट करने में कोई दिक़्क़त नहीं होती. हर कदम पर स्टोरीज़ पसरी हुई हैं, बस उन्हें उठाने की देरी है. सही ख़बरों का चुनाव और वाइड-एंगल कवरेज ही ‘विस्तार’ का मूल मंत्र है.” उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ़ डिजिटल का हिस्सा शुरू हुआ है जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए हमारा न्यूज़ चैनल जल्द ही लॉन्च होने वाला है. हमने एक बेहतरीन और जुझारी पत्रकारों की टीम तैयार की है. जिसके ज़रिए हमारा मक़सद टीवी में उस दौर को फिर से वापस लाना है जब ख़बरें गॉसिप और प्रोपगैंडा पर नहीं, बल्कि रिपोर्टरों की मेहनत से लाई की रिपोर्ट पर चलती थीं.
‘विस्तार न्यूज’ चैनल आने से पहले डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ही हलचल मचा चुका है. ट्विटर पर देखते ही देखते महज़ 2 सप्ताह के भीतर 8 हज़ार के क़रीब ऑर्गेनिक फ़ॉलोवर्स जुड़ चुके हैं. अगर इसकी तुलना बीते एक साल के भीतर चैनलों से करें तो यह संख्या उनके पार निकल गई है. वैसे चैनल तो आते हैं और दावे भी बड़ी-बड़ी करते हैं. भड़ास उम्मीद करता है कि ‘विस्तार न्यूज़’ में सिर्फ़ चैनल ही नहीं बल्कि पत्रकारिता और पत्रकारों का भी विस्तार हो.



