सुख-दुख
विनोद मेहता पत्रकारों को पगार देने के नाम पर बेहद कंजूस थे लेकिन ‘एडिटर’ कुत्तों पर खूब खर्च करते थे
(स्व. विनोद मेहता जी) Sumant Bhattacharya : विनोद मेहता की रुखसती का मतलब... मैं शायद उन चंद किस्मत वाले पत्रकारों में हूं, जिनका साक्षात्कार...


