भारतीय संस्कृति का दर्शन कर विदेशी छात्र गद्गद्

हिन्दू हैरिटेज फ़ाउण्डेशन की ओर से गंगा तट पर 15वीं हैरिटेज सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें नौ देशों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उन्हें ऋषिकेष-हरिद्वार के परमार्थ आश्रम ऋषिकेश के स्वामी चिदानन्द, पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के योग गुरु बाबा राम देव, आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण, गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पांण्डया, विहिप के अंतर्राष्ट्रीय सयुंक्त महासचिव स्वामी विज्ञानानन्द और केन्द्रीय मंत्री प्रशांत हरतालकर आदि ने आशीर्वाद दिया। सेमीनार 27 फरवरी से 01 मार्च 2015 तक चली।

 विहिप के स्वामी विज्ञानानन्द ने ड़ाक्यूमेन्टरी फिल्म के माध्यम से गंगा, वेदो, उपनिषदों, आयुर्वेद आदि विषयों पर छात्र-छात्रांओं को विस्तृत जानकारी दी। सांयकाल स्वामी चिदानन्द की उपस्थिति में हुई गंगा आरती ने उनको मंत्र-मुग्ध कर दिया। केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, दिल्ली की निदेशक प्रो. गीता शर्मा तथा आचार्य जगेन्द्र ने हिन्दी की समृद्धि पर अपनी विशेष प्रस्तुति दी। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर परमार्थ आश्रम में कुमारी वन्दना त्रिपाठी, सुभाष आदि ने भारतीय संस्कारों का महत्त्व बताया गया। प्रशांत हरतालकर को छात्र-छात्राओं ने बताया कि वे भारत में आयुर्वेदिक, योग शिक्षा, गंगा, साधु-सन्तों, ऋषि-मुनियों, संयुक्त परिवारों में रहने की परम्परा, संस्कार तथा हिन्दी के ज्ञानार्जन के लिए भारत आए हैं। उन्होंने हिन्दू हैरिटेज फ़ाउण्डेशन व विश्व हिन्दू परिषद् के विश्व समन्वय विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के तीसरे दिन पतंजलि योग पीठ हरिद्वार मे बाबा राम देव ने जहां विभिन्न प्रकार की योग प्रक्रियाओं से अवगत कराया, वहीं आचार्य बाल कृष्ण ने पेड़-पौधौं में बसे अनुपम आयुर्वेदिक भण्डार की जानकारियां दीं। बाद में बाबा राम देव के साथ ग्रुप फोटोग्राफी होने के साथ आस्था एवं संस्कार टीवी चैनल की टीम ने इस पर एक डाक्यूमेन्टरी फिल्म भी बनाई। डा० जयदीप आर्य व गगन के सहयोग से बच्चों को पतंजलि के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अन्त मे रविवार 01 मार्च 2015 को हरिद्वार के धार्मिक स्थानों, विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यों तथा “गायत्री परिवार“ के “देव संस्कृति विश्व विद्यालय“ के अनुपम प्रकल्पों की जानकारी दी गई। फ़ाउण्डेशन के सचिव संजीव साहनी, सहयोगी अजय कुमार के विशेष प्रयासों तथा विहिप के अन्य अनेक कार्यकर्ताओं की अनवरत मेहनत ने विदेशों से पधारे इन युवाओं के मन में भारत और उसकी उच्च संस्कृति का वह मानचित्र रचा, जिसे उनमें से शायद ही कोई अपने जीवन काल में भुला पाएगा।

ज्ञातव्य रहे कि हिन्दू हैरिटेज फ़ाउण्डेशन के विशेष सहयोग से केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, दिल्ली द्वारा प्रति वर्ष लगभग चार हजार विदेशी छात्रों को हिन्दी का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है। एक वर्षीय पाठ्यक्रम के दौरान ही उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में बसे भारतीय परिवारों तथा वहां के स्थानीय तीज त्योहारों के साथ भी सीधा जोडा जाता है। गत 18 वर्षों में लगभग 40 देशों के हजारों विदेशी छात्रों को इस कार्यक्रम से जोडा जा चुका है। 

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