बलात्‍कार के आरोपी पत्रकार के घर सभासद को गोली मारी

मथुरा। एमबीए की छात्रा से बलात्‍कार के आरोपी पत्रकार कमलकांत उपमन्‍यु के आवास पर बीती रात एक सभासद को गोली मार दी गई। काफी देर बाद घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने पत्रकार के घर से कारतूस का खोखा बरामद कर लिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।

पुलिस के मुताबिक थाना कोतवाली अंतर्गत मारू गली, छत्‍ता बाजार निवासी वार्ड 45 के सभासद संतोष पाठक पुत्र पुरुषोत्‍तम पाठक कल रात हमले के समय ब्रज प्रेस क्‍लब अध्‍यक्ष उपमन्‍यु के थाना हाईवे अंतर्गत हनुमान नगर स्‍थित घर पर बैठा था। एक गोली सभासद की दाहिनी जांघ में घुस गई। उसके बाद गुड्डू ने पांच-छ: फायर और किये। इस बीच एक गोली उसकी पिस्‍टल में फंस गई। इसके बाद वह सफेद रंग की अपनी गाड़ी में बैठकर भाग गया। घायल सभासद को पहले जिला अस्‍पताल, फिर हाईवे स्‍थित माहेश्‍वरी हॉस्‍पीटल ले जाया गया। उसके जांघ का ऑपरेशन कर गोली निकाली गई। हॉस्‍पीटल में मौजूद सभासद के छोटे भाई राजेश पाठक और पिता पुरुषोत्तम पाठक ने बताया कि उपमन्‍यु ने रात करीब नौ बजे सभासद को फोन कर अपने घर बुलाया था। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस का एक खोखा बरामद किया है। बताया जाता है कि बलात्‍कार के मामले में पीड़ित परिवार से समझौता कराने में सहयोग के लिए सभासद को उपमन्‍यु ने अपने घर बुला लिया था। गोली मारने का आरोपी देवेन्‍द्र उर्फ गुड्डू गौतम पेशे से बिल्‍डर और उपमन्‍यु का मित्र बताया गया है, जो बसपा के टिकट पर मथुरा-वृंदावन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुका है। बसपा शासन काल में गुड्डू ने एक नायब तहसीलदार को पीट दिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे बसपा से निकाल दिया गया था।

राजेश का आरोप है कि पुलिस गुड्डू और उपमन्‍यु को बचाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। रात करीब साढ़े ग्‍यारह बजे तहरीर दिये जाने के बाद थाना हाईवे पुलिस ने सुबह साढ़े तीन बजे एफआईआर दर्ज की। घटना से मथुरा नगर पालिका के सभासदों में भारी रोष है। यह भी गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर के महीने में पत्रकार उपमन्‍यु पर एमबीए की एक छात्रा ने बलात्‍कार तथा जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया था। स्थानीय पुलिस की ढिलाई पर इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय के चीफ जस्‍टिस न्‍यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूढ़ की अध्‍यक्षता वाली बैंच ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों से जवाब तलब कर लिया था। मथुरा के चीफ जुडिशियल मजिस्‍ट्रेट को निर्देशित किया गया था कि वह बलात्‍कार पीड़िता के परिजनों को हाईकोर्ट के रुख से अवगत कराएं। अभी यह मामला इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय में लंबित है। 

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