
नोएडा मीडिया क्लब के पूर्व अध्यक्ष और ट्राई सिटी न्यूज पोर्टल के मालिक पंकज पाराशर के खिलाफ मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत एक संविदाकर्मी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि पंकज पाराशर और उनके साथी राजेंद्र ने ब्लैकमेल कर उसे धमकाया और यहां तक कि नौकरी से निकलवाने व जान से मारने तक की धमकी दी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, पंकज पाराशर ने अपने पोर्टल पर जीएम प्लानिंग मीना भार्गव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए फर्जी खबर चलाई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस खबर को न चलाने के एवज में पंकज पाराशर ने मीना भार्गव से हर महीने एक लाख रुपये की मांग की थी और कई बार यह रकम ली भी। इस मामले में थाना सूरजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार
21 फरवरी 2025 को शिकायतकर्ता ने थाना सूरजपुर में तहरीर देकर बताया कि वह ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में कार्यरत है। वर्ष 2021-2022 के दौरान, जब वह अन्य अधिकारियों के साथ ERP/SAP सॉफ़्टवेयर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था, तब पंकज पाराशर और उनके साथी राजेंद्र ने पत्रकारिता के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए गोपनीय जानकारी मांगी। जब शिकायतकर्ता ने मना कर दिया, तो उसे नौकरी से निकलवाने और जान से मारने की धमकी दी गई।
बाद में, वर्ष 2022 में ट्राई सिटी न्यूज पोर्टल पर ERP/SAP सॉफ़्टवेयर प्रोजेक्ट में 300 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की खबर चलाई गई, जबकि वास्तविक लागत 63 करोड़ रुपये ही थी। इसके अलावा, जीएम प्लानिंग मीना भार्गव पर घोटाले में शामिल होने के झूठे आरोप लगाए गए।
पुलिस जांच में सामने आए तथ्य
पंकज पाराशर और उनके साथी एक संगठित गिरोह चलाते हैं, जो पत्रकारिता की आड़ में डराकर और धमकाकर लोगों से पैसे वसूलता है।
समाज में भय का माहौल बनाकर, झूठी खबरें चलाकर और धमकियां देकर पैसों की अवैध उगाही की जाती है।
पैसों को कानूनी रूप में बदलने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिस पर विस्तृत जांच जारी है।
अभियुक्तों के खिलाफ इसी तरह की घटनाओं को लेकर अन्य थानों में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।
थाना सूरजपुर में दर्ज मामले में पंकज पाराशर और राजेंद्र पर धारा 190/386/387/388/389/506 व 120बी के तहत अपराध पाए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।



