अशोक पांडे-
कल हॉलीवुड में एक बड़ी त्रासदी घटी. व्हेन हैरी मेट सैली, अ फ़्यू गुड मेन और द अमेरिकन प्रेसीडेंट जैसी शानदार फ़िल्में बनाने वाले 78 साल के रॉबर्ट मेलर रेनर उर्फ़ रॉब राइनर और उनकी 70 वर्षीय पत्नी मिशेल सिंगर की कल हॉलीवुड में चाकुओं से गोदकर जघन्य हत्या कर दी गई. उनके बेटे निक राइनर को इस अपराध के शक में गिरफ्तार किया गया है.
रॉब राइनर की फ़िल्में मुझे हमेशा अच्छी लगीं. तामझाम और तमाशे पर निर्भर रहने वाले हॉलीवुड में वे एक ऐसे दुर्लभ फिल्मकार थे जिनकी फिल्मों में साधारण लोगों का बोलना, उनकी आपसी बहसें, उनकी मोहब्बतें और उनकी स्मृतियाँ जगह पाती थीं – उनके काम में न कोई दिखावा था, न किसी तरह की आत्ममुग्धता.
कौन कल्पना कर सकता था संसार से उनकी विदाई इस तरह होगी. संसार इस खबर को पचाने की कोशिश कर ही रहा था कि अमेरिकी सदर डोनाल्ड ट्रम्प का बयान आ गया. अपने एक्स हैंडल पर इन महात्मा ने लिखा कि यातनाग्रस्त और संघर्षरत रॉब राइनर एक ज़माने के प्रतिभाशाली फिल्म निर्देशक और कॉमेडी-स्टार थे. कि उनकी और उनकी पत्नी मिशेल की मौत एक ऐसी बीमारी के चलते हुए जिसे TDS यानी ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम (यानी ट्रम्प को सत्ता से हटाने का उन्माद) कहा जाता है.
आगे लिखा गया है चूंकि महान राष्ट्रपति के नेतृत्व में अमेरिका एक अभूतपूर्व स्वर्णकाल में प्रविष्ट हो चुका है, इसकी वजह से रॉब राइनर की मानसिक बीमारी अपने चरम पर पहुँच गई. अर्थात इसी बीमारी से उनकी मौत हुई.
इस पोस्ट के बाद दुनिया भर में हल्ला मचना शुरू हुआ, तमाम हलकों से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने उसमें लिखी बातों की कड़ी निंदा की. इसी बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई जिसमें एक महिला पत्रकार ने महात्मा जी से एक सवाल पूछते हुए रॉब राइनर पर की गई उक्त टिप्पणी को संदर्भित किया. जवाब मिला, “जहाँ तक ट्रम्प का सवाल है, उसकी निगाह में राइनर मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति था.” उपसंहार के तौर पर कहा गया, “उसका यानी रॉब राइनर का होना अमेरिका के लिए बुरी बात थी.”
याद रहे ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान राइनर ने एक बार कहा था कि यह आदमी राष्ट्रपति के पद के हिसाब से मानसिक रूप से अयोग्य और अक्षम है. मुझे लगता है महात्मा जी अपने भीतर तभी से अटकी इस फांस से उबरने के लिए ऐसी ही किसी त्रासद घटना के घटने का इंतज़ार कर रहे थे.
इस पूरे घटनाक्रम से एक बात समझ में आई. पूरी तरह मर जाने के लिए मर जाना कोई ज़रूरी शर्त नहीं. आप बगैर मरे भी मर सकते हैं. मरे हुए होकर भी संसार पर राज करने का सपना देख सकते हैं.



