पणजी। गोवा की वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार सुहासिनी प्रभुगांवकर को भारतीय वरिष्ठ पत्रकार महासंघ की उपाध्यक्ष चुना गया है। यह चयन न केवल गोवा की पत्रकारिता के लिए सम्मानजनक उपलब्धि है, बल्कि महिला पत्रकारों की भागीदारी को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाता है।
भारतीय वरिष्ठ पत्रकार महासंघ की हाल ही में गठित कार्यकारिणी समिति में विभिन्न राज्यों से प्रतिष्ठित पत्रकारों को शामिल किया गया है। अध्यक्ष पद पर दिल्ली के संदीप दीक्षित चुने गए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर गोवा की सुहासिनी प्रभुगांवकर के साथ आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र से भी वरिष्ठ पत्रकारों को स्थान मिला।
महासंघ की इस कार्यकारिणी समिति में देशभर से पत्रकारों का प्रतिनिधित्व है। इसमें मध्य प्रदेश से चंद्रप्रकाश भारद्वाज, केरल से एन.पी. चेट्टूर, कर्नाटक से के. शांताकुमारी, ओडिशा से कन्हैया नंदा, तमिलनाडु से आर. राजराज, महाराष्ट्र से डॉ. जयपाल परशुराम पाटिल, केरल से के.पी. विजयकुमार और अन्य वरिष्ठ पत्रकार शामिल किए गए हैं। वहीं कार्यकारी समिति में कर्नाटक, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, जम्मू, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड और तेलंगाना के जाने-माने पत्रकारों को स्थान दिया गया है।
गोवा के पत्रकारिता जगत में सुहासिनी प्रभुगांवकर का नाम लंबे समय से सम्मान के साथ लिया जाता है। वे भांगरसूंय की नियमित स्तंभकार रही हैं और क्षेत्रीय पत्रकारिता में अपनी पैनी कलम और संवेदनशील मुद्दों पर लेखन के लिए पहचानी जाती हैं। महासंघ के उपाध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति से न केवल गोवा की पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रतिनिधित्व मिलेगा, बल्कि वरिष्ठ पत्रकारों के अनुभव और दृष्टिकोण को भी नई दिशा मिलेगी।
पत्रकारिता की दुनिया में आज जब डिजिटल बदलाव और व्यावसायिक दबावों के बीच मूल्यों व नैतिकता की चुनौतियाँ सामने हैं, ऐसे समय में सुहासिनी प्रभुगांवकर जैसी जमीनी पत्रकार का नेतृत्व वरिष्ठ पत्रकारों के संगठन के लिए और भी प्रासंगिक माना जा रहा है।
गोवा के पत्रकार समाज ने भी सुहासिनी प्रभुगांवकर के इस चयन पर हर्ष व्यक्त किया है और इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया है।



