सरकारी सुरक्षा देने के नियम को हाई कोर्ट में चुनौती

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने उत्तर प्रदेश द्वारा सुरक्षा देने के सम्बन्ध में जारी शासनादेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में एक याचिका दायर किया है. याचिका में कहा गया है कि 09 मई 2014 के इस शासनादेश में चुनिन्दा लोगों को उनकी जरूरत का आकलन किये बिना ही सरकारी सुरक्षा देने का प्रावधान है जिसके कारण अन्य लोगों को जरुरत होने पर भी सुरक्षा नहीं मिल पाती है.

याचिकाकर्ता ने कहा कि 20 अक्टूबर को आवेदन करने के बाद उन्हें न तो सुरक्षा दी गयी और न ही उन्हें इस बारे में कोई सूचना दी गयी. अतः उन्होंने प्रार्थना की है कि सुरक्षा के लिए आवेदन करने पर कारण सहित सुरक्षा देने या मना करने और सुरक्षा के सम्बन्ध में किये गए आकलन की सूचना 15  दिनों में अवश्य दी जाए.



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