Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

डेटा राष्ट्रवाद की शुरुआत: TikTok का एल्गोरिदम अब ‘मेड इन अमेरिका’

अखिलेश शर्मा-

टिकटॉक आउट, डेटा राष्ट्रवाद इन। भारत क्या करेगा? टिकटॉक ने आधिकारिक तौर पर अपने अमेरिकी कामकाज को अपनी चीनी पैरेंट कंपनी, ByteDance से अलग कर लिया है।

अब इसे ‘TikTok USDS Joint Venture LLC’ नाम की एक नई कंपनी के रूप में चलाया जाएगा। ट्रंप प्रशासन के साथ हुई इस डील ने उस संभावित राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध को टाल दिया है, जो साल 2024 के एक सुरक्षा कानून के तहत लगने वाला था और जिसे साल 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी हरी झंडी दे दी थी।

ट्रंप बार-बार इस प्रतिबंध को टालते आ रहे थे ताकि टिकटॉक से किसी सहमति पर पहुँचा जा सके। नई व्यवस्था के तहत, नई कंपनी की 80.1% हिस्सेदारी अमेरिकी और गैर-चीनी निवेशकों के पास होगी। इस ग्रुप का नेतृत्व Oracle, Silver Lake, और UAE की कंपनी MGX कर रहे हैं। ByteDance के पास अब सिर्फ़ 19.9% हिस्सेदारी बची है।

इसके साथ ही, 17 करोड़ से अधिक अमेरिकी उपयोगकर्ताओं का डेटा अब पूरी तरह से Oracle के अमेरिकी क्लाउड इंफ़्रास्ट्रक्चर में स्टोर किया जाएगा।

Oracle के प्रमुख लैरी एलिसन रिपब्लिकन पार्टी को भारी चंदा देते रहे हैं और ट्रंप के मित्र और सहयोगी हैं।

असल में अमेरिकी सांसद और नेता लंबे समय से चिंता जता रहे थे कि चीनी सरकार के दबाव में ByteDance अमेरिकी उपयोगकर्ताओं का डेटा चीन को सौंप सकती है।

इस क़दम से लंबे समय से उठ रही इन चिंताओं पर विराम लग जाएगा।

इस डील की सबसे बड़ी बात TikTok के मशहूर एल्गोरिदम पर पड़ने वाला असर है। इस एल्गोरिदम को अक्सर इस ऐप का ‘सीक्रेट सॉस’ कहा जाता है। यह एल्गोरिदम ही तय करता है कि उपयोगकर्ता को कैसे वीडियो दिखेंगे।

किसी भी बाहरी या चीनी प्रभाव को खत्म करने के लिए, अब इस एल्गोरिदम को अमेरिका के अंदर ही सिर्फ अमेरिकी डेटा पर ‘री-ट्रेन’ किया जाएगा। हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं: एल्गोरिदम को छोटे, घरेलू डेटा सेट पर फिर से ट्रेन करने से ऐप की परफ़ॉर्मेंस और उसके ‘लत लगाने वाले’ अनुभव में थोड़ी गिरावट आ सकती है।

फिर भी, इसमें शक नहीं कि इस मॉडल को ‘डेटा राष्ट्रवाद’ की शुरुआत माना जा रहा है।

भारत जैसे देश, जिन्होंने साल 2020 में सुरक्षा चिंताओं के कारण TikTok पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था, वे भी अब टिकटॉक जैसे किसी विदेशी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के बजाय इसी तरह के ‘स्थानीय नियंत्रण’ वाले मॉडल को अपनाने पर विचार कर सकते हैं।

इसी तरह, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के नियामक भी इस पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। आने वाले समय में अन्य देश भी इस राह पर आगे बढ़ें तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन