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राजस्थान

18 प्रेग्नेंट महिलाओं की मौत, पत्रकारों के सवाल पर ठहाका लगाते स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- ‘जवाब ब्रेक के बाद’

जयपुर। राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में पिछले दो महीनों के दौरान 18 प्रसूताओं (गर्भवती/हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाओं) की मौत के मामले पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का एक बयान विवादों में आ गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों के सवालों के बीच मंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “मिलते हैं ब्रेक के बाद”, जिसके बाद विपक्ष ने इसे गंभीर मुद्दे पर असंवेदनशील प्रतिक्रिया बताते हुए सरकार को घेरा।

दरअसल, राजस्थान के कई सरकारी अस्पतालों में मई से अब तक 18 प्रसूताओं की मौत दर्ज की गई है। इन मौतों के कारणों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई जांच समितियां गठित की गई हैं, लेकिन अब तक किसी एक स्पष्ट कारण की पुष्टि नहीं हो सकी है। मंत्री खींवसर ने भी कहा कि इन मौतों का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है और इसे एक तरह की “मिस्ट्री” बताया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है और जरूरत पड़ने पर बाहरी विशेषज्ञों की भी सहायता ली जाएगी।

सोमवार को जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में इस मामले की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें प्रभावित जिलों के डॉक्टर, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद पत्रकारों ने लगातार मौतों और जांच की प्रगति पर सवाल पूछे। इसी दौरान मंत्री ने बातचीत समाप्त करते हुए कहा, “बाकी बातें ब्रेक के बाद करेंगे”, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि जब राज्य में मातृ मृत्यु का गंभीर संकट बना हुआ है, तब सरकार और स्वास्थ्य मंत्री का रवैया संवेदनशील नहीं है। वहीं, सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

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