संजय सिन्हा-
मिल गया, मिल गया वो छात्र मिल गया.. बचपन में सुनता था कि स्कूल की परीक्षा में अगर किसी प्रश्न का जवाब न आए तो भी कुछ न कुछ लिख कर आ जाना चाहिए। मैंने तो सुना है कि कुछ बच्चे सवाल के जवाब में गाना लिख देते थे, कोई कहानी लिख देता था और पास हो जाता था।
मैंने कभी ऐसा देखा नहीं था, सिर्फ सुना भर था। पहली बार मैंने ऐसे विद्यार्थी को देखा। वैसे उस विद्यार्थी को आप भी जानते हैं। आपने भी उसकी परीक्षा की कॉपी देख ली है। आपने सवाल भी सुन लिए हैं, जवाब भी।
तो आज मिलिए उस असली विद्यार्थी से जो बातें बना बना कर अब तक पास होता आया है। लेकिन अफसोस, इस बार बात बनी नहीं। मुझे यकीन है कि आपने एबीपी न्यूज चैनल पर मेघा प्रसाद का हवाई जहाज में बैठकर देश के सड़क परिवहन मंत्री का लिया वह इंटरव्यू जरूर देखा होगा, जिसमें टीचर पूछ कुछ रही हैं और विद्यार्थी जवाब कुछ और दे रहा है। जाहिर है, जब विद्यार्थी के पास जवाब नहीं होता तो वह परीक्षा में गाना लिखने लगता है, कोई कहानी बनाने लगता है और सोचता है कि भरी कॉपी देखकर शायद नंबर मिल जाएं।
आधे घंटे का यह इंटरव्यू सुनकर आप हंस चाहे जितना लें, लेकिन असल में आपको रोना चाहिए कि ऐसे लोगों को हमने सिर्फ सर्वोच्च संवैधानिक पदों तक नहीं पहुंचाया, हमने उन्हें अपने दिल में भी बिठाया। इस इंटरव्यू को देखकर और सुनकर मेरे मन में यह बात और पुख्ता हो गई कि हमारे देश के नेता बचपन में कैसे विद्यार्थी रहे होंगे।
आपने अपनी आंखों से इंटरव्यू देखा है, समझा है। आज आप मेरी कलम से उस इंटरव्यू के कुछ प्रश्न और उनके संक्षिप्त उत्तर पढ़िए और मन ही मन सोचिए कि हम कितने मूर्ख हैं जो ऐसे लोगों को सिर पर चढ़ाए घूमते हैं। मुझे तो यह लोकतंत्र में मत के दुरुपयोग जैसा लगता है।
अब सुनिए सवाल और जवाब। मैं बार-बार नाम नहीं लिखूंगा। सवाल पूछने वाली हैं मेघा प्रसाद। जवाब देने वाले हैं नितिन गडकरी। ध्यान रहे, नितिन गडकरी बात बात पर मानहानि की धमकी देते हैं, एफआईआर कराने में भी माहिर माने जाते हैं। इसलिए मैं लिखते समय पूरा ध्यान रख रहा हूं कि जो पूछा गया है और जो कहा गया है, वही लिखूं। बस थोड़ा संपादित रूप में, क्योंकि इंटरव्यू लंबा है।
प्रश्न (1) – इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ी का माइलेज कम होता है?
उत्तर – फ्लेक्स इंजन का मतलब होता है कि जिसमें सौ प्रतिशत पेट्रोल और सौ प्रतिशत इथेनॉल डाला जा सकता है। मेरे पास टोयोटा है। उसमें सौ प्रतिशत इथेनॉल डाला जाता है। इसको फ्लेक्स इंजन कहते हैं। कितना भी पेट्रोल डालो, कितना भी इथेनॉल डालो, प्राइस के ऊपर है। अब इथेनॉल का प्राइस समझो 75 रुपए लीटर है और पेट्रोल 120 रुपए, तो आप स्वतंत्र हैं कि आप सौ फीसदी इथेनॉल डाल दो।
प्रश्न (2) – लेकिन एवरेज…?
उत्तर – हां, जल्दी मत करिए। थोड़ा समझ लीजिए। जब गाड़ी चलती है तो उसका मतलब है कि इलेक्ट्रिक बैटरी चार्ज होती है। तो इलेक्ट्रिक बैटरी में 60 प्रतिशत वह बिजली लेती है और 40 प्रतिशत फ्यूल पर चलती है। ठीक है। अब जब शहर में तुम गियर ज्यादा बदलोगे, ब्रेक ज्यादा लगेंगे तो पावर और ज्यादा तैयार होती है। हां, तो पावर में एवरेज जो होता है वह ज्यादा आता है। वह कम्पेन्सेट होता है। पर ओवरऑल, एक बात समझिए कि पेट्रोल और इथेनॉल की तुलना में इथेनॉल की कैलोरिक वैल्यू कम है। नेचुरल है, दोनों में फर्क है, तो माइलेज कम होती है।
प्रश्न (3) – सवाल यही था कि ब्लेंडेड पेट्रोल यूज कर रहे हैं, तो माइलेज कम होगी? बस इतना ही पूछा।
उत्तर – नहीं। आप गलत बोलती हो। आपके मन में जो है, वह बात मत घुसा लो। मैं दूसरी बात पूछ रहा हूं। जब ब्रेक लगते हैं और जब एवरेज कम होता है, उतनी बिजली तैयार होती है। क्योंकि जब ब्रेक मारते हो तो नेचुरल कोर्स में बिजली तैयार होती है। तो इलेक्ट्रिक से ज्यादा एवरेज मिलता है।
प्रश्न (4) – मेरे पास एक गाड़ी है, जो मैं इस्तेमाल करती हूं। वह पेट्रोल की है। मैं आपको यह बताना चाहती हूं कि 2023 में खरीदी है। मैं महसूस कर रही हूं कि यह E20 कंप्लायंट होगी। सर, मेरी गाड़ी पहले मुझे सिटी के अंदर दस से ग्यारह का एवरेज दे रही थी। आज वही गाड़ी सात का एवरेज दे रही है। और मुझे समझ नहीं आ रहा कि गलती कहां हुई। वही ट्रैफिक है, वही रोड।
उत्तर – आपने एवरेज कैसे चेक किया? आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस है। उसकी कंपनी की गारंटी है। उसमें कोई फर्क नहीं कि इथेनॉल डालने से। आप अपनी गाड़ी कंपनी के अधिकृत डीलर के पास भेजिए। वहां मशीन होती है। एवरेज आप और मैं अपनी गाड़ी में चेक नहीं करते। वहां मशीन से चेक होता है। वह मशीन किसी के घर में नहीं होती।
प्रश्न (5) – मेरी गाड़ी होंडा सिटी है।
उत्तर – आप तुरंत डीलर के पास जाइए। पूरा चेक कराइए। अगर फॉल्ट होगा तो गारंटी पीरियड में उसे सुधारने की जिम्मेदारी कंपनी की है।
प्रश्न (6) – अगर फ्यूल की वजह से माइलेज कम हुई तो गडकरी जी क्या करेंगे?
उत्तर – पहली बात, सिद्ध तो होने दो। आपको यह सिद्ध करना है कि क्या आपकी गाड़ी में…
प्रश्न (7) – मुझे जानना है कि ऐसा क्यों हुआ?
उत्तर – पहली बात, अगर कोई घटना होती है तो उससे पहले आप सजा डिक्लेयर क्यों करती हो? कभी तो बिना एविडेंस के, तथ्यों के बिना… पहले चेक करो। डीलर के पास जाओ। अगर डीलर बताए कि आपका एवरेज कम हुआ है तो आप कंज्यूमर कोर्ट तक जा सकती हो।
प्रश्न – आपने टीवी पर बोला था न कि जिसको भी प्रॉब्लम है वह मेरे पास आए। अब आम जनता वीडियो बना रही है। जिनकी गाड़ी सीज हो गई है, जिनकी गाड़ी बंद हो गई है। मैं एक उदाहरण देना चाहती हूं। लगभग 20-22 साल का एक लड़का था। मैंने उसकी इंस्टाग्राम रील देखी। वह फोक्सवैगन की नई गाड़ी चला रहा था। गुरुग्राम की रील थी। उसने बताया कि रास्ते में गाड़ी बंद हो गई। उसने फोक्सवैगन को फोन किया। गाड़ी टो होकर गई। वहां लगभग दस और ऐसी गाड़ियां खड़ी थीं। उन्हें बताया गया कि फ्यूल पंप में समस्या है और यह इथेनॉल की वजह से हुई है।
उत्तर – सुजुकी कंपनी वर्ल्ड फेमस है। मारुति सुजुकी जापानी कंपनी है। मार्केट में पेट्रोल गाड़ियों का 40 प्रतिशत मार्केट उसके पास है। उनके एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने ऑफिशियली कहा है कि हमारे पास इथेनॉल के कारण एक भी शिकायत नहीं आई है।
नोट– आधे घंटे के इस इंटरव्यू में लगभग हर सवाल का जवाब अपने आप में एक अलग कहानी है।
इंटरव्यू के दौरान गडकरी जी ने रिपोर्टर से यह भी कहा कि गलत लिखने और बोलने पर वह मानहानि का मामला दर्ज करा सकते हैं, एफआईआर करा सकते हैं। इसलिए मैं डर कर यहीं रुक गया। आगे नहीं देख पाया। हिम्मत ही नहीं हुई।
लेकिन इतने जवाब सुनने के बाद मुझे बचपन की वही बात फिर याद आ गई कि कुछ विद्यार्थी ऐसे भी होते हैं जो आम पर सवाल पूछो तो इमली की कहानी लिखकर आ जाते हैं। और कई बार, दुर्भाग्य से, परीक्षा खत्म होने के बाद भी उन्हें कभी पता नहीं चलता कि सवाल आखिर पूछा क्या गया था।
सुने आम, बोले इमली।
Related News…



