नई दिल्ली/लखनऊ। युवा ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। डायनामाइट न्यूज़ की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, मौत से करीब एक महीने पहले राहुल सिंह ने गोरखपुर जोन के एडीजी को तीन पन्नों की लिखित शिकायत देकर अपनी जान को खतरा बताया था। इस शिकायत में उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा और कारोबारी चंद्रभूषण मिश्रा से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, महाराजगंज निवासी राहुल सिंह पिछले 11 वर्षों से ड्रोन तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। उनका शव 14 जुलाई को लखनऊ के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था।
दिल्ली में कराई गई थी मुलाकात
राहुल सिंह ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि 30 अगस्त 2025 को पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर उनकी मुलाकात चंद्रभूषण मिश्रा से कराई थी। बैठक का उद्देश्य ‘विकसित भारत’ अभियान के तहत ड्रोन तकनीक और स्वदेशी नवाचार पर साथ काम करना बताया गया था। शिकायत के अनुसार, इस बैठक में चंद्रभूषण मिश्रा ने अपने तीन बच्चों को भी इस परियोजना से जोड़ने का प्रस्ताव रखा था और राहुल को परियोजना के लिए 85 लाख रुपये देने पर सहमति बनी थी।
62 लाख रुपये मिलने और विवाद शुरू होने का दावा
राहुल के मुताबिक, बाद में चंद्रभूषण मिश्रा ने उनके खाते में 62 लाख रुपये ट्रांसफर किए। हालांकि कुछ समय बाद परियोजना में अपने बच्चों को प्रमुख भूमिका देने का दबाव बनाया जाने लगा। राहुल का आरोप था कि जब उन्होंने बकाया 23 लाख रुपये मांगे तो भुगतान से इनकार कर दिया गया और पहले दिए गए 62 लाख रुपये वापस मांगने शुरू कर दिए गए।
धमकियों का भी लगाया आरोप
शिकायत में राहुल सिंह ने आरोप लगाया था कि 24 फरवरी 2026 को चंद्रभूषण मिश्रा कुछ लोगों के साथ उनके घर पहुंचे और परिवार को धमकाया। इसके बाद फोन और व्हाट्सऐप के जरिए लगातार धमकियां मिलने लगीं।
दुर्गा शंकर मिश्रा से फोन पर बातचीत का उल्लेख
राहुल ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा था कि 8 अप्रैल 2026 को पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा से उनकी करीब छह मिनट तक फोन पर बातचीत हुई थी। राहुल का दावा था कि इस बातचीत में उनसे चंद्रभूषण मिश्रा को पैसे लौटाने के लिए कहा गया और ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई तथा पारिवारिक परेशानियों की चेतावनी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया कि बातचीत के तुरंत बाद चंद्रभूषण मिश्रा ने भी फोन कर कथित रूप से धमकी दी।
पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, राहुल ने अपनी शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराए थे। एडीजी ने मामले में जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन राहुल का आरोप था कि उनकी शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे अगले ही दिन चंद्रभूषण मिश्रा की शिकायत पर राहुल के खिलाफ ही बस्ती में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
मौत के बाद दर्ज हुआ मामला
डायनामाइट न्यूज़ के मुताबिक, राहुल सिंह की मौत के बाद पुलिस ने चंद्रभूषण मिश्रा और उनके तीन बच्चों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



