सत्येंद्र पीएस-
क्या भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारत के नागरिकों के मूल अधिकारों को सुरक्षित करेगा? क्या सर्वोच्च न्यायालय जनता के बीच भरोसा कायम कर पाएगा कि संविधान में दिया गया उनका अधिकार सुरक्षित है.
यह फोटो साफ है और सभी चेहरे पहचाने जा सकते हैं. क्या सर्वोच्च न्यायालय देश के गृह मन्त्री को तलब करेगा कि वह बताये कि यह कौन लोग हैं? ये सादे ड्रेस में आंदोलन करने वाले बच्चों को किस हैसियत और किस कानून के तहत बच्चों को पीट रहे थे?
सुरेंद्र राजपूत-
आपको पता है कि देश के गृहमंत्री ने आंदोलन से निपटने के लिए एक MSF नाम की फोर्स बना रखी है? यह फोर्स कैसे बनी, क्या करती है, इसके रंगरूट कहाँ भर्ती होते हैं, यह क्या करते हैं, जानने के लिए समझिये की यह है क्या!
MSF यानि Modi-Shah Force!
यह बिना वर्दी पहने या बहुत बार बिना नाम की वर्दी पहने गुंडे युवाओं की एक फोर्स है, जो शाह जी के एक इशारे पर अपने विरोधियों को लाठी डंडों से कुचलने निकल पड़ती है!
यह हमारी आधिकारिक पुलिस के साथ खड़ी होती है मगर काम अनाधिकारिक करती है। जो काम वर्दी अपनी संवैधानिक सीमाओं के चलते नहीं कर सकती, वह यह करती है, बेधड़क और पूरी बेहयाई से करती है!
आपको याद होगा कि RSS हर साल जगह जगह युवाओं को लाठियां चलाने की हिंसक ट्रेनिंग देता है। यहीं से यह रंगरूट भर्ती होते हैं। जिन्हें लाठी चलाने और दूसरी हिंसक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह युवा किस दिन के लिए तैयार होते हैं, इन्ंही दिनों के लिए, जब मोदी शाह घिरे, तो यह हिंसक रूप से लड़ाई झगड़ा, दंगा दमन कर सकें?

आप एक पूरा पैटर्न देखिए, जब जब आंदोलन होते हैं। पुलिस के साथ एक पूरी टोली होती है, जिसके हाथ में लाठियां और हिंसक सामान होता है। जो पुलिस के साथ मिलकर यह इस्तेमाल करते हैं। यह भीड़ पर हमला करते हैं। हिंसा करते हैं, इनके नाम और चेहरे गायब रहते हैं। यह बहुत बार मुँह पर रुमाल बांधकर विरोधियों पर हमला करते हैं। यह पूरी एक भूमिगत फोर्स है, जो हर उस जगह खड़ी होती है, जहां मोदी शाह की आलोचना होती है। यह RSS के प्रशिक्षित लठैत हैं, वरना उनकी लाठी की ट्रेनिंग लिए लड़के और क्या करने के लिए तैयार किये जा रहे हैं?
युवाओं के आंदोलन पर भी इनके हिंसक हमले की तस्वीरें, वीडियो अब आम जनता देख रही है। जबकि यह शुरू से इनका ऐसा ही इस्तेमाल कर रहे हैं। यही लोग शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाते हैं। फिर आंदोलन को बदनाम करके उसका दमन करते हैं। युवाओं के कल के आंदोलन ने इनके सबके चेहरे पूरी तरह बेनकाब कर दिए हैं!
RSS के लाठी प्रशिक्षित युवाओं को अमित शाह हर जगह निजी तौर पर इस्तेमाल करते हैं। यह इनकी गोपनीय भूमिगत MSF है? जो बेनकाब हो गई है। सारा देश बिना वर्दी के लाठी लिए इन गुंडों को देख रहा था, जो पुलिस के साथ मिलकर वह कर रहे थे, जो सँविधान की प्रतिज्ञा से बंधी पुलिस नहीं कर पा रही थी। देश को इस प्राइवेट फोर्स से भी सतर्क रहना होगा, क्योंकि यह कल आपके घरों तक आ धमकेंगे। MSF आपको बोलने नहीं देंगे, आपके विरोध पर वह हमला करेंगे!
अब इनसे सतर्क रहिये

सवाल – Neet प्रोटेस्ट में छात्रों को किसने पीटा?
जवाब – दिल्ली पुलिस ने
सवाल – दिल्ली पुलिस किसके अंडर आती है?
जवाब – गृहमन्त्री अमित शाह के
ध्यान से देखिये इन दोनों को. जीन्स पहनी हुई है
गले में रुमाल बंधा हुआ है, पैरों में स्पोर्ट्स शूज हैँ
वर्दी नहीं है, बैच नहीं है, किसी थाने का कोई एड्रेस तक नहीं है,
और दिल्ली पुलिस ने इनको ऑफिसियल तौर पर छात्रों को पीटने के लिए बैठाया हुआ है.
ये पुलिस किसके अंडर आती है, क्योंकि छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर लोग अब चुप नहीं रहेंगे.
जवाब दीजिये Delhi Police?
-अभय पांडेय


