Connect with us

Hi, what are you looking for?

सुख-दुख

रवीश कुमार ने की मीडिया पर हमला न करने की अपील!

रवीश कुमार-

आपको एक अपील यह भी करनी चाहिए कि जो भी रिपोर्ट करने आ रहा है, चाहे वो गोदी मीडिया का ही क्यों न हो, उसे लेकर हुल्लड़बाज़ी न करें। हिंसा तो बिल्कुल ही नहीं।

पत्रकारों के साथ किसी भी तरह की धक्कामुक्की आपके शांतिपूर्ण आंदोलन को संदेह के घेरे में लाएगी। इसकी जगह आप मंच से केरला के पत्रकार सिद्दीक कप्पन के बारे में बताइये, उनके साथ क्या-क्या हुआ, उनके हक को लेकर गोदी मीडिया का कौन संपादक बोल रहा था, उसका नाम भी आदर के साथ बताइये।

जम्मू कश्मीर के पत्रकार आसिफ़ सुल्तान छह साल जेल में रहे, एक पत्रकार को आतंक के चार्ज में जेल भेज दिया गया, दो साल बाद कोर्ट ने कहा कि इनके खिलाफ कोई मामला ही नहीं बनता, तब भी जेल में रहे। UAPA के नाम पर जेल में रखा गया।

इरफान मेहराज को तीन साल तक हिरासत में रखा गया। प्रिवेंटिव डिटेंशन में रखा गया। मणिपुर के पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेमचा को बीजेपी की सरकार ने सरकार की निंदा करने के आरोप में एक साल तक जेल में रखा।

क्या ये सब हिंसा नहीं है और इस हिंसा के खिलाफ कब गोदी मीडिया खड़ा हुआ?

इस गोदी मीडिया ने रिया चक्रवर्ती के साथ क्या किया, यह सब मंच से बताइये। गोदी मीडिया की कहानी लोगों को बताइये न कि उनके साथ धक्का मुक्की करें। रिया चक्रवर्ती के कवरेज को आप सभी युवाओं को अध्ययन करना चाहिए। पता चलेगा कि इस गोदी मीडिया के बाद भी जनता ज़िंदा है।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन