Connect with us

Hi, what are you looking for?

बिहार

सहरसा पत्रकार पिटाई प्रसंग: तस्वीर में नजर आ रही सिंपी कुमारी की नियुक्ति खुद विवादों में है!

Woman in a red top speaks and gestures to a man with glasses in an office hallway; a document is visible on a screen or desk below the scene.

पुष्यमित्र-

कल से आज तक अलग-अलग लोगों से हुई बातचीत के आधार पर समझ आया है कि सहरसा सदर अस्पताल में हुई मारपीट की घटना का प्रत्यक्ष आरोपी तो डॉ. एसके आजाद है, मगर इसमें अप्रत्यक्ष भूमिका अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी की है, जो इस तसवीर में नजर आ रही हैं.

बताया जा रहा है कि पत्रकार अभिषेक लगातार सदर अस्पताल के कुप्रबंधन पर रिपोर्ट कर रहे थे और सिंपी कुमारी इससे काफी नाराज थी, उसके उकसावे पर यह मारपीट की घटना हुई.

सिंपी कुमारी की खुद की नियुक्ति विवादों के घेरे में है. पहले उनकी नियुक्ति पूर्णिया सदर अस्पताल में प्रबंधक के तौर पर हुई थी. वहां एक जदयू कार्यकर्ता टुनटुन आलम ने उनके खिलाफ शिकायत की थी. उनका आरोप था कि सिंपी कुमारी अस्पताल प्रबंधक की योग्यता के मानकों को पूरा नहीं करतीं.

ऐसे में पूर्णिया सिविल सर्जन ने उनके खिलाफ जांच की और पाया कि आरोप सही है और स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में पत्र लिखकर भेजा, जो इस पोस्ट के साथ संलग्न है. सहरसा और पूर्णिया दोनों जगहों के स्थानीय पत्रकार बताते हैं कि सिंपी कुमारी पर उस इलाके के एक बड़े मंत्री का वरदहस्त है, इसलिए उन पर कार्रवाई नहीं हुई, बस उनका जगह बदल दिया गया. उन्हें सहरसा भेज दिया गया.

टुनटुन आलम बताते हैं कि उन्होंने आरटीआई से पता करवाया था कि सिंपी कुमारी का प्रमाणपत्र सही है या गलत. इसी आधार पर उन्होंने शिकायत की थी. मगर उनके खिलाफ कार्रवाई के बदले उनका तबादला सहरसा कर दिया गया है. भाजपा से जुड़े एक पूर्व प्रभावशाली मंत्री से भी उनकी नजदीकियां रही हैं. इसलिए भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती.

इसी आधार पर स्थानीय पत्रकार कहते हैं कि सहरसा पिटाई मामले में कोई कार्रवाई नहीं होगी. हालांकि सबसे पहले तो स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रमाणपत्र मामले में विवादों के साये में रहीं सिंपी कुमारी को उसने कैसे आरोपमुक्त किया, उसके क्या आधार थे. वह कैसे सहरसा में नौकरी कर रही हैं? यह पूरा मामला गहन जांच की मांग करता है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन