अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और अनियमितता के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। SIT की अंतिम रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा का नाम नहीं है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को जांच में क्लीन चिट दी गई है।
उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने सोमवार को SIT की अंतिम रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दी। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने चढ़ावे की कथित चोरी के आरोप सामने आने के बाद 27 जून को ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद SIT ने दोनों से मंदिर में चढ़ावे के संग्रह और प्रबंधन की प्रक्रिया को लेकर पूछताछ भी की थी।
13 जून को बनी थी SIT
उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की। टीम में रेंज IG किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार भी शामिल थे। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन ने 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। NDTV के मुताबिक, इन सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
चंपत राय ने आरोपों से किया था इनकार
पूछताछ के दौरान चंपत राय ने चढ़ावे की चोरी में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया था। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया था कि संदिग्ध चोरी के मामले में शिकायत भी उन्हीं की ओर से की गई थी, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने यह भी कहा था कि चढ़ावे के संग्रह में पारदर्शिता और अनियमितताओं को रोकना उनकी जिम्मेदारी थी और जैसे ही उन्हें गड़बड़ी की जानकारी मिली, उन्होंने कार्रवाई की।
हालांकि, इस मामले में SIT की रिपोर्ट के बाद अब चंपत राय और अनिल मिश्रा को राहत मिली है, जबकि चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला जारी है।


