Connect with us

Hi, what are you looking for?

वेब-सिनेमा

2029 वाला चुनाव मजेदार होने वाला है!

सुभाष सिंह सुमन-

2029 वाला चुनाव मजेदार होने वाला है। देश ने ऐसा चुनाव अबतक नहीं देखा होगा।

सबसे पहले तो सोशल मीडिया पर गंदगी चरम पर पहुँचेगी। एआई और फर्जी प्रोफाइल इसे लीड करेंगे। अभी नेहा को एसिड अटैक की धमकी वाला जो पोस्ट मैंने परसों शेयर किया था, उसके बाद थोड़ी मेहनत मैंने समझने पर की। धमकी देने वाला अकाउंट फर्जी तो था ही। उस अकाउंट से जुड़े 6-7 सौ प्रोफाइल में 90% से ज्यादा फर्जी थे। कुछ अकाउंट 4-6 महीने पहले बने थे। कुछ में जीरो या 5-10 लोग ही जुड़े हुए थे। कई अकाउंट 2-4-5 साल पुराने तो थे, लेकिन उनसे अबतक एक भी पोस्ट नहीं आया था।

सेम यही पैटर्न पहले से नोटिस करते आ रहा हूँ। जैसे किसी पोस्ट पर अचानक से उल्टे-पुल्टे कमेंट्स आने लगेंगे। उनमें से ज्यादातर अकाउंट इसी पैटर्न वाले फर्जी होते हैं। इधर 4-6 महीने से इसमें बस एक बदलाव दिखा है। पहले इस पैटर्न पर एक का वर्चस्व था। अब दूसरे ने भी सेम पैटर्न अपनाना शुरू किया है। ये सब बड़े संगठित तरीके से हो रहा है।

एक खेमा चुनावी चंदे से लेकर ईडी-सीबीआई जैसे रास्तों से बेहिसाब पैसा जमा कर चुका है। उसे ऑर्गेनाइज्ड तरीके से फर्जी अकाउंट्स ऑपरेट करने का 10-15 साल का अनुभव है। दूसरा खेमा पैसे की कमी से जूझ रहा है, लेकिन अब कमी दूर होती दिख रही है।

अगर कॉरपोरेट को पढ़ पाते हों आप, एक डिवाइड बहुत स्पष्ट होकर उभर रहा है। कॉरपोरेट में भी दो फाड़ बन चुके हैं। दोनों के पास अकूत पैसा है। एक हिस्से को लीड कर रहे हैं एक-डेढ़ दशक में कुबेर बने व्यक्ति। दूसरे हिस्से को पुराने धुरंधर लीड कर रहे हैं, जिनके पास भारतीय राजनीति को चियरलीडर बनाने का कई दशकों का अनुभव है। पिछले चुनाव में यह डिवाइड बहुत हल्का उभरा था। लेकिन अब मुखर होने जा रहा है। काफी हद तक साफ-साफ दिखने लगा है। यह डिवाइड पैसे की कमी से जूझ रहे दूसरे खेमे के लिए संजीवनी बनकर आया है। और यही 2029 चुनाव पर सबसे बड़ा असर डालने वाला है।

इधर कुछ सालों में देश की राजनीति बहुत ज्यादा बदली है। अब भारत में लोकसभा के चुनाव अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्शन की तर्ज पर होने लगे हैं। मुद्दे शून्य से गढ़ दिये जायेंगे और शून्य से ही उसकी हवा भी बना दी जायेगी। ऑर्गेनाइज्ड तरीके से चलने वाले फर्जी अकाउंट्स नैरेटिव बिल्ड करेंगे और असल अकाउंट वाले उसमें बहा करेंगे। एआई की कृपा से सच और झूठ के बीच की रेखा महीन होकर ऑलमोस्ट गायब हो जायेगी। अभी तक इसकी हल्की-फुल्की झांकियाँ ही दिखी हैं। यूपी चुनाव में इसका पहला बड़ा प्रयोग होगा। 2029 से पहले-पहले फुल फ्लेज्ड डिप्लॉयमेंट।

इन सबमें नुकसान उठायेगा देश। एक जो बात होती है लेवल-प्लेइंग की, वो अब अतीत की बात है। मुझे लगता है हम पॉइंट ऑफ नो रिटर्न क्रॉस कर चुके हैं। आने वाली सरकारों में फेवरेटिज्म बढ़ने ही वाला है। सत्ता के पसंदीदा कॉरपोरेट आगे बढ़ेंगे, बाकी दर्शक दीर्घा में पॉपकॉर्न की बिक्री बढ़ायेंगे।

बुराई की सबसे बुरी बात है कि इसमें बढ़ते जाने की सहज प्रकृति होती है। गिरावट की होड़ शुरू होने के बाद बहुत मुश्किल से थमती है। इसमें अमूमन होता ऐसा है कि एक ने गिरने की शुरुआत की। फिर समय का पहिया पलटा और दूसरे की बारी आयी। अब यह गिरने में पहले से इतना आगे निकलेगा कि पहला देवता लगने लगेगा। इस चक्र को तोड़ने में मजबूत विलपॉवर और अटूट मोरल वाले कई लीडर लगते हैं। पता नहीं अभी देश में ऐसा एक भी लीडर है या नहीं! मुझे नहीं दिख पाता एक भी। लेकिन निराशावादी हो जाना भी ठीक बात नहीं। खासकर भारत जैसे देश में। हर मंजिल पर आकंठ भ्रष्ट देश कुछ-न-कुछ बढ़ ही रहा है जैसे-तैसे। इस एक बात को लेकर आशावादी हुआ जा सकता है।

बस प्रयास इस बात का करते रहना है कि कोलैटरल डैमेज में हमारा-आपका नाम न हो। इसके लिए सबसे पहले तो ये करिये कि फर्जी अकाउंट दिखते ही दूर हो जाइये, भले ही वो आपको पसंद आने वाली बातें शेयर करता हो। किसी भी नेता को दूसरा बाप मान चुके लोगों से दूर हो जाइये। दे आर गुड फॉर नथिंग। आदर्शवादी बातें उपदेशात्मक पोस्ट तक सीमित कर दीजिये। व्यवहार में आदर्श के लिए स्पेस रह नहीं गया है। जादू की छड़ी घूमने की भी उम्मीद न रखिये। विचारों को आवारा छोड़ दीजिये। यह किसी भी तरह की भीड़ का हिस्सा बनने से आपको स्वत: ही सुरक्षित कर देगा।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन