यशवंत सिंह-
सुना है 4200 करोड़ में से सिर्फ 200 करोड़ में ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बना दिया गया। पूरे चार हज़ार करोड़ का बंदरबांट हो गया। एक्सप्रेसवे में छिहत्तर छेद नहीं कुल एक सौ छियासी छेदा हुए बताए जाते हैं!
बीजेपी वालों ने खाने खिलाने में बारह साल में कांग्रेस के साठ साल को पीछे कर दिया!
दुर्भाग्य है कि हम एक को भगाते हैं दूसरे को ला बिठाते हैं। इस देश की जनता परम मूर्ख है। उसे व्यक्ति पूजा से ऊपर नहीं उठना है।
क़िस्मत ही है न। राहुल पैदाइशी पीएम है। मोदी ने फेंकूपने के बल पर पीएम कुर्सी हासिल की। अब यह फेंकू बस्सा गया है। ऐसे में आओ मूर्खों हम सब पप्पू की शरण में चलें!
कृष्ण कांत-
गनीमत है कि देश के ज्यादातर इंफ्रास्ट्रक्चर नरेंद्र मोदी से पहले बने थे।
इन्होंने जितने हाईवे बनवाये, धंस गए। इन्होंने जितने पुल बनवाए, ढह गए। इन्होंने जितने एयरपोर्ट और स्टेशन बनवाए, उनका भी लगभग यही हाल हुआ। इन्होंने नया संसद भवन बनाया, पहली बारिश में छत टपकने लगी थी।
अब इनका नया शाहकार देखिए
लगभग 30,000 करोड़ में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनवाया गया है। 28 मार्च 2026 को डंकापति ने उद्घाटन किया था, बारिश हुई तो एयरपोर्ट बांध में बदल गया।
बीजेपी को देखकर भ्रष्टाचार खुद शर्मिंदा है।
भक्त गण कहेंगे कि यह आंखों का धोखा है. लेकिन यह धोखा नहीं यथार्थ है. डबल इंजन वाली सरकार का विकास नोएडा में पानी में बनकर बह गया. करीब 30 हज़ार करोड़ की लागत वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इतनी कम बरसात में भी नाली बन जाएगा इसकी कल्पना नाले की गैस से चाय बनाने वाले वैज्ञानिकों ने भी नहीं होगी.पर कई बार कल्पना, यथार्थ से ज्यादा यथार्थ बन जाती है. मोदी जी ने मार्च 2026 में यानि मात्र 4 महीने पहले ही इसका उद्घाटन किया था. इस प्रोजेक्ट में अब तक करीब 12 हज़ार करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं लेकिन वैज्ञानिक लोग, इंजीनियर साहेब एयरपोर्ट को झुमरी तलैया बनने से नहीं रोक पाये. डबल इंजन सरकार में भ्रष्टाचार का दानव चौगुनी रफ्तार से दौड़ रहा है.
-विश्व दीपक


