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सियासत

विजय माल्या, मेहुल चौकसी, जतिन मेहता, नीरव मोदी, संदेसरा बंधु, पारेख परिवार और ललित मोदी को आखिर सुभाष चंद्रा वाली फैसिलिटी क्यों नहीं मिली?

Screenshot of Vijay Mallya tweet claiming Subhash Banks recovered Rs 14,100 crore from him; mentions Indian Debt Resolution Justice and no media questions (includes ET image about Rs 22,006 crore claims).

यशवंत सिंह-

मोदी सरकार की सबसे बड़ी खासियत है कि ये गंदा से गंदा काम भी ताल ठोंक के करती है। सुभाष चंद्रा कांड याद रखने लायक चीज है। कैसे अपने नजदीकी उद्यमियों को सरकार उपकृत करती है। बेचारा विजय माल्या अपने कर्जा से ज़्यादा देकर भी भगोड़ा बनकर जीने को अभिशप्त है। क्योंकि वो साहब को सूट नहीं करता। सुभाष चंद्रा वाली स्कीम का लाभ सबसे पहले अनिल अंबानी को मिला था। अब ये ट्रेंड बन गया है। अपने उद्योगपतियों का सारा लोन माफ कर दो।

विजय माल्या 7500 करोड़ ले कर फरार। मेहुल चौकसी 7100 करोड़ ले कर फरार। जतिन मेहता 6600 करोड़ ले कर फरार। नीरव मोदी 6500 करोड़ ले कर फरार। संदेसरा परिवार 5400 करोड़ ले कर फरार। पारेख परिवार 2700 करोड़ ले कर फरार। ललित मोदी 1700 करोड़ ले कर फरार। आखिर इन सब को सुभाष चंद्रा वाली फैसिलिटी क्यों नहीं मिली..?

सुभाष चंद्रा के 22,000 करोड़ रुपए NCLT ने 6 करोड़ में सेटल कर दिए। बाकी उद्योगपतियों को ये सुविधा क्यों नहीं दी! मोदी का नाम भी खराब नहीं होता, 0.03% में सेटल कर सकते थे! आपने कभी लिया है 99.97% का haircut लोन में?

अब कोई सोभड़ीवाला ये समझाने न आ जाये कि बिज़नेस बचाने के लिए सरकारों को ऐसा करना पड़ता है। ये सुभाष चंद्रा का क्या बिजनेस है? गोदी मीडिया का बस ये बाप है। मोदी का गुण गाता रहता है इसका चैनल। बाक़ी जो धंधे हैं वो सब सरकारी कृपा और जनता के पैसे से ही चलता है।

सच तो ये है कि आरएसएस बीजेपी वाले शर्म लाज सब बेच चुके हैं। ये इतने ढीठ हैं कि कुछ भी अनाप शनाप करते हुए इन्हें डर नहीं लगता क्यूँकि इन्हें पता है- लास्ट में हिंदू मुस्लिम करके, अकाउंट में पैसा भेजकर और ईवीएम मैनेज कर चुनाव जीत ही जाएँगे। फिर काहें का डर और किससे डर!

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